
परबतसर: भामाशाह की अनूठी पहल, राजकीय विद्यालय को मिला 35 हजार का इनवर्टर
Posted on 7 अगस्त 2026
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हमारे परबतसर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा के क्षेत्र में भामाशाहों का सहयोग न केवल स्कूलों की बुनियादी सुविधाएं बढ़ा रहा है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षिक वातावरण भी तैयार कर रहा है। इसी कड़ी में मेहरासी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक सराहनीय पहल देखने को मिली है।
विद्यार्थियों के लिए बेहतर संसाधन
दिवंगत भंवरलाल ज्याणी की पुण्य स्मृति को संजोते हुए उनके पुत्र पप्पूराम ज्याणी ने विद्यालय परिवार को 35,000 रुपये की लागत का एक आधुनिक इनवर्टर भेंट किया है। विद्यालय में इस उपकरण के लगने से अब बिजली कटौती के दौरान भी बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी। विशेषकर कंप्यूटर लैब और डिजिटल स्मार्ट क्लास के संचालन में यह इनवर्टर मील का पत्थर साबित होगा।
शिक्षा विभाग की प्रशंसा
बीकानेर निदेशालय द्वारा समय-समय पर विद्यालयों में जन-सहयोग और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसी नीति के अंतर्गत, परबतसर ब्लॉक के शिक्षा अधिकारियों ने भामाशाह के इस कार्य की सराहना की है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि यह सुविधा मिलने से अब भीषण गर्मी और पावर कट के दौरान बच्चों को कोई असुविधा नहीं होगी।
इस सहयोग के मुख्य लाभ:
- निर्बाध विद्युत आपूर्ति: अब बिजली जाने पर भी शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होगा।
- डिजिटल शिक्षा: डिजिटल बोर्ड और कंप्यूटर के उपयोग में निरंतरता बनी रहेगी।
- आदर्श विद्यालय की ओर कदम: भामाशाहों के सहयोग से सरकारी स्कूलों का कायाकल्प हो रहा है।
पप्पूराम ज्याणी द्वारा किया गया यह सहयोग शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। विद्यालय स्टाफ और स्थानीय अभिभावकों ने इस नेक कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। हमारी टीम का मानना है कि यदि इसी प्रकार हर क्षेत्र में भामाशाह आगे आएं, तो सरकारी विद्यालयों का स्तर निजी शिक्षण संस्थानों से भी बेहतर हो सकता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।