
जायल क्षेत्र में आवारा पशुओं का आतंक: फसलों को हो रहा भारी नुकसान, किसान परेशान
Listen News
Audio Summary
हमारे जायल संवाददाता के अनुसार, जिले के दधवाड़ा कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। इन पशुओं के कारण किसानों की मेहनत से तैयार खड़ी खरीफ की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो रही हैं, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है।
फसलों पर मंडरा रहा खतरा
किसानों का कहना है कि आवारा पशुओं के झुंड खेतों में घुसकर फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थिति यह है कि किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए रात भर खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। हालांकि, रात के समय इन सांडों के झुंड का सामना करना जान जोखिम में डालने जैसा है, जिससे किसानों में हमेशा हमले का डर बना रहता है।
प्रमुख समस्याएं और मांगें
- दधवाड़ा, सिराधना, औलादन, रोल चांदावता और रिंया श्यामदास सहित दर्जनभर गांवों में पशुओं का जमावड़ा बढ़ गया है।
- किसानों को आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि फसलें कटाई के दौर से पहले ही नष्ट हो रही हैं।
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बार-बार सूचित करने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।
- पंचायत समिति सदस्य किरण मेहरा ने प्रशासनिक अधिकारियों से अविलंब इन आवारा पशुओं को काजी हाउस (पशुबाड़ा) में शिफ्ट करने की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों से समाधान की उम्मीद
प्रभावित किसानों ने एकजुट होकर जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है कि आवारा पशुओं की समस्या से उन्हें जल्द निजात दिलाई जाए। भाजपा ग्रामीण मंडल नोखा चांदावता महिला मोर्चा की अध्यक्ष और पंचायत समिति सदस्य किरण मेहरा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से मांग की है कि बेसहारा पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए ताकि किसानों को हो रहे नुकसान को रोका जा सके। फिलहाल, किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए सरकारी मदद की राह देख रहे हैं।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।