
जायल क्षेत्र में मौसम खुलते ही फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव, किसानों की बढ़ी सक्रियता
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हमारे जायल संवाददाता के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश का दौर थमने और मौसम साफ होने के बाद क्षेत्र के किसानों ने खेतों का रुख कर लिया है। बारिश से जहां खेतों में खड़ी खरीफ की फसलों को नई संजीवनी मिली है, वहीं अब किसान फसलों को कीटों से बचाने की तैयारियों में जुट गए हैं।
फसलों पर लट और सफेद मच्छर का हमला
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों की बारिश से मूंग, ग्वार और बाजरे की फसलें लहलहा उठी हैं, जिससे उनमें काफी उत्साह है। हालांकि, बदलते मौसम के साथ अब खेतों में लट और सफेद मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है, जो फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अपनी मेहनत की फसल को बचाने के लिए किसान अब कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों की सलाह
फसलों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय कृषि विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार:
- किसानों को लट एवं सफेद मच्छर के प्रकोप से घबराने की आवश्यकता नहीं है।
- फसल में किसी भी प्रकार की दवा का उपयोग करने से पहले कृषि पर्यवेक्षक या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
- कीटनाशकों का छिड़काव करते समय सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें।
- छिड़काव के लिए मौसम का साफ होना बेहद जरूरी है, जो कि वर्तमान में अनुकूल बना हुआ है।
फिलहाल, दधवाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सुबह से ही अपने खेतों में कीटनाशक यंत्र लेकर सक्रिय देखे जा सकते हैं। बारिश के बाद खेतों में बनी नमी और धूप के कारण कीटों का प्रजनन बढ़ने की आशंका रहती है, जिसे देखते हुए कृषि विभाग ने भी किसानों को सतर्क रहने की अपील की है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।