
खींवसर: सीमेंट कंपनी के लिए जमीन खरीद में विवाद, किसानों ने 2 करोड़ कमीशन का आरोप लगाया
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खींवसर, नागौर: खींवसर पंचायत समिति में आयोजित जनसुनवाई के दौरान लालावास गांव के किसानों ने सीमेंट कंपनी के लिए अधिग्रहित की गई अपनी जमीन की पूरी कीमत नहीं मिलने का आरोप लगाया है। किसानों का दावा है कि जमीन खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों ने करीब 2 करोड़ रुपए का कमीशन हड़प लिया है, जिससे उन्हें उनका हक नहीं मिल पाया। एसडीएम सुनील कुमार ने इस मामले में किसानों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हमारे खींवसर संवाददाता के अनुसार, यह पूरा मामला खींवसर क्षेत्र के लालावास और ताडावास गांवों में सीमेंट कंपनी के लिए लगभग 700 बीघा जमीन की खरीद से जुड़ा है। किसानों का कहना है कि उन्हें जमीन का उचित और पूरा मुआवजा नहीं मिला है, जबकि बिचौलियों ने इस सौदे में बड़ा मुनाफा कमाया है।
SDM ने दिए जांच के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान एसडीएम सुनील कुमार ने किसानों से उनकी शिकायतें सुनीं। उन्होंने बताया कि किसानों ने 12 लाख रुपए प्रति बीघा की दर से जमीन बेचने का एग्रीमेंट प्रस्तुत किया है। इसी एग्रीमेंट को आधार बनाकर प्रारंभिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि यदि भविष्य में कोई किसान 14 लाख रुपए प्रति बीघा की दर वाला एग्रीमेंट प्रस्तुत करता है, जिसकी बात कुछ किसानों ने कही है, तो उस दस्तावेज के आधार पर भी जांच और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यह किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है, जो उन्हें अपनी पूरी रकम मिलने की उम्मीद जगाती है।
फर्जी राजीनामा मामले में आरोपी पक्ष अनुपस्थित
इसी जनसुनवाई में लालावास निवासी प्रेमाराम के नाम से कथित तौर पर फर्जी राजीनामा तैयार कर हाईकोर्ट में पेश किए जाने के एक अन्य गंभीर मामले पर भी सुनवाई हुई। इस मामले में भी आरोपी पक्ष जनसुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ। एसडीएम ने इस पर संज्ञान लेते हुए कहा कि आरोपी पक्ष को दोबारा अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया जाएगा। यह दर्शाता है कि प्रशासन इन विवादित मामलों को गंभीरता से ले रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
किसानों ने पहले भी लगाए थे धमकाने के आरोप
जमीन की कीमत और कथित कमीशन को लेकर यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। किसानों ने इससे पहले भी दलालों पर उन्हें धमकाने और डराने-धमकाने के आरोप लगाए थे। इस बार जनसुनवाई में अपनी बात रखने के बाद किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन की दखलंदाजी से उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी मेहनत की कमाई उन्हें वापस मिल पाएगी। हमारी टीम लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही इससे जुड़े अन्य अपडेट्स आप तक पहुंचाएगी।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।