
जयपुर के सरकारी स्कूल में बदहाली पर सख्त कार्रवाई: प्रिंसिपल हटाए गए, शिक्षक APO
Posted on 5 अगस्त 2026
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राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और छात्र-छात्राओं को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार और शिक्षा विभाग बेहद गंभीर है। इसी क्रम में जयपुर के राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर उच्च माध्यमिक स्कूल में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर शिक्षा विभाग ने त्वरित और कठोर कार्रवाई की है। दिव्यांग विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद स्कूल प्रिंसिपल को पद से हटा दिया गया है, वहीं एक शिक्षक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को APO (अंडर पोस्टिंग ऑर्डर) किया गया है।
हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, यह घटना शिक्षा विभाग की संवेदनशीलता और लापरवाही के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति को दर्शाती है। विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, यह संदेश इस कार्रवाई से स्पष्ट रूप से दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
बीते दिन, राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर उच्च माध्यमिक स्कूल के दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने स्कूल परिसर में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य शिकायतें स्कूल में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर थीं:
- शौचालयों की बदहाल स्थिति: विद्यार्थियों का आरोप था कि शौचालय उपयोग करने लायक नहीं हैं, जिससे उन्हें हर दिन असहजता का सामना करना पड़ता है।
- पानी का संकट: पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण छात्र-छात्राएं परेशान थे।
- जर्जर भवन: कई क्लासरूम की दीवारों और कमरों में दरारें पड़ चुकी थीं, जिससे असुरक्षित माहौल बना हुआ था।
विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि इन समस्याओं को लेकर कई बार स्कूल प्रशासन और प्रिंसिपल को अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें मजबूरन प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर राज्य के शिक्षा विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी आशा गुप्ता ने स्कूल का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था, भवन की स्थिति और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं में कई गंभीर कमियां सामने आईं।
जांच में अनियमितताएं पाए जाने के बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से प्रिंसिपल भारत जोशी को उनके पद से रिलीव कर दिया है। इसके साथ ही एक शिक्षक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को भी एपीओ कर दिया गया है। फिलहाल स्कूल के सुचारु संचालन के लिए वाइस प्रिंसिपल को कार्यवाहक प्रिंसिपल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विशेष कमेटी का गठन और भविष्य की योजना
शिक्षा विभाग ने स्कूल में व्याप्त समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए एक विशेष कमेटी का भी गठन किया है। इस कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि वह विद्यालय की सफाई व्यवस्था, पेयजल, भवन की स्थिति और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत आकलन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपे। इस रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्य युद्धस्तर पर कराए जाएंगे, ताकि दिव्यांग विद्यार्थियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
हमारी टीम ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की, जिन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुविधाओं और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। स्कूल में सामने आई कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यह कार्रवाई राज्य भर के सभी विद्यालयों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि सुविधाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा निदेशालय बीकानेर भी लगातार ऐसे मामलों पर अपनी नजर बनाए हुए है और सुनिश्चित करेगा कि ऐसी घटनाएँ दोहराई न जाएँ।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।