
नागौर: निजी स्कूल संचालकों की बड़ी मांग, शाला संबलन जांच टालने को लेकर डीईओ को सौंपा ज्ञापन
Posted on 5 अगस्त 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले के निजी विद्यालय संचालकों ने मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक एवं माध्यमिक) को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है। निजी शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में स्कूलों के सामने आ रही प्रशासनिक चुनौतियों को देखते हुए तत्काल राहत की आवश्यकता है।
मुख्य मांगें और ज्ञापन का आधार
निजी विद्यालय संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में प्रमुख रूप से शाला संबलन के तहत की जा रही जांच प्रक्रिया को लेकर चिंता व्यक्त की है। संघ ने मांग की है कि:
- जांच पर रोक: शाला संबलन पोर्टल और उससे जुड़ी निरीक्षण प्रक्रिया को 15 अगस्त तक स्थगित रखा जाए।
- जयपुर सचिवालय का रुख: संचालकों का कहना है कि आगामी 10 अगस्त को जयपुर सचिवालय में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में कई नीतिगत निर्णय लिए जाने हैं, जिसके बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
आरटीई (RTE) पुनर्भरण राशि का मुद्दा
ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की गई है कि आरटीई (RTE) के तहत बच्चों को पढ़ा रहे निजी स्कूलों को मिलने वाली पुनर्भरण राशि का भुगतान शीघ्र किया जाए। संघ ने बताया कि:
- राज्य सरकार द्वारा बजट जारी करने के बावजूद, प्रथम बिलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी हो रही है।
- शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों से मांग की गई है कि वे तकनीकी अड़चनों को दूर करते हुए बजट का भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाएं।
शिक्षक और अभिभावकों के लिए संदेश
यह मामला सीधे तौर पर निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली और आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों की शिक्षण व्यवस्था से जुड़ा है। फिलहाल, स्कूलों द्वारा की गई इस मांग पर विभागीय अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि नियमों के दायरे में रहते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी। आगामी दिनों में बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय से आने वाले निर्देशों का सभी निजी स्कूलों को पालन करना होगा। हमारे नागौर जिले के सभी निजी विद्यालय संचालकों को सलाह दी जाती है कि वे शिक्षा विभाग के आधिकारिक अपडेट्स पर नजर रखें ताकि किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि बाधित न हो।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।