
नागौर: कीटनाशक छिड़काव में बरती गई लापरवाही जानलेवा, जिले में तीन साल में 79 किसानों की मौत
Listen News
Audio Summary
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, खरीफ फसलों की सुरक्षा के लिए कीटनाशकों और फफूंदनाशकों का अंधाधुंध उपयोग किसानों के लिए काल का ग्रास साबित हो रहा है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते राज्यभर में 1383 किसानों ने अपनी जान गंवाई है। केवल नागौर जिले में ही यह आंकड़ा 79 तक पहुंच गया है, जो कि अत्यंत चिंताजनक है।
तीन वर्षों का घातक आंकड़ा
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कीटनाशकों के संपर्क में आने से होने वाली मौतों का सिलसिला लगातार जारी है:
- वर्ष 2023 में: 467 मौतें
- वर्ष 2024 में: 439 मौतें
- वर्ष 2025 में: 477 मौतें
सुरक्षा के प्रति बरते ये सावधानियां
कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि दवाओं का सही चुनाव और छिड़काव की सही विधि ही जीवन बचा सकती है। किसानों को विशेष निर्देश दिए गए हैं:
- व्यक्तिगत सुरक्षा: छिड़काव के दौरान दस्ताने, मास्क और पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़ों का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
- खान-पान का निषेध: रसायनों का प्रयोग करते समय तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट या खाने-पीने की वस्तुओं का सेवन कतई न करें।
- छिड़काव का सही समय: तेज हवा और बारिश के दौरान छिड़काव न करें। सुबह या शाम के ठंडे समय में ही काम करना सुरक्षित रहता है।
- तकनीकी सलाह: किसी भी दवा को बिना कृषि विशेषज्ञ की सलाह के आपस में न मिलाएं। हमेशा लेबल पर दी गई अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें।
उपकरणों का रखरखाव है जरूरी
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खराब नोजल या लीकेज वाले पंप से छिड़काव करने से दवा शरीर पर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। स्प्रेयर का कैलिब्रेशन और सफाई छिड़काव से पहले सुनिश्चित करें। रसायनों के उपयोग के बाद अपने हाथ, चेहरा और शरीर को साबुन और स्वच्छ जल से भली-भांति धोना न भूलें। खाली बोतलों को कभी भी घर में उपयोग न लें और उन्हें सुरक्षित तरीके से निस्तारित करें।
किसान भाई फसल सुरक्षा के लिए रसायनों के बजाय कृषि विभाग द्वारा अनुशंसित वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं और रसायनों की खरीद के समय पक्का बिल और बैच नंबर की जांच अवश्य करें।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।