
राजस्थान स्कूल बस सुरक्षा नियम: नागौर में अब वाहनों की होगी कड़ी जांच, जानें नए निर्देश
Posted on 28 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राज्य में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने बाल वाहिनी योजना के तहत सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं। हालिया समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों का सीधा असर नागौर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों पर पड़ेगा।
अनिवार्य सुरक्षा मानक और नए निर्देश
शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग के समन्वय से अब स्कूली वाहनों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक स्कूल वाहन को निम्नलिखित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा:
- तकनीकी उपकरण: हर वाहन में जीपीएस ट्रैकिंग, स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी कैमरे और अग्निशमन यंत्र का चालू स्थिति में होना अनिवार्य है।
- वाहन की पहचान: सभी स्कूल बसों का रंग 'गोल्डन येलो' होना चाहिए और उन पर स्पष्ट रूप से 'स्कूल बस' या 'ऑन स्कूल ड्यूटी' लिखा होना चाहिए।
- दस्तावेज: फिटनेस, वैध बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) का समय पर अपडेट रहना आवश्यक है।
- चालक योग्यता: वाहन चालक के पास न्यूनतम 5 वर्ष का अनुभव और वैध लाइसेंस होना जरूरी है।
सड़क सुरक्षा और छात्रों की सुरक्षा
जिला स्तर पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में विद्यालयों के मुख्य द्वारों के बाहर स्पीड ब्रेकर और रोड साइनेज लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग ने कहा है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। इसके अलावा, विद्यालय परिसरों के आसपास नशा मुक्ति अभियान को गति देने और दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने को लेकर विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी।
शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन के लिए संदेश
बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, सभी स्कूल संचालकों को तत्काल अपने वाहनों का ऑडिट करने को कहा गया है। सीसीटीवी फुटेज की समय-समय पर जांच की जाएगी और किसी भी तकनीकी कमी पाए जाने पर बाल वाहिनी समिति के नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। यह पहल न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए है, बल्कि स्कूल प्रशासन की जवाबदेही को भी तय करती है।
अभिभावकों से भी अपील की गई है कि यदि वे अपने बच्चों के स्कूल वाहनों में किसी भी सुरक्षा मानक की कमी पाते हैं, तो संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय या जिला परिवहन कार्यालय को इसकी सूचना दें।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।