
राजस्थान शिक्षा विभाग: सेप्टिक टैंक सफाई को लेकर नगर परिषद की नई गाइडलाइन
Posted on 29 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के विभिन्न नगर निकायों में स्वच्छता मानकों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में कोटपूतली नगर परिषद द्वारा शुरू की गई सेप्टिक टैंकों की निशुल्क सफाई की पहल अब राज्य के अन्य स्थानीय निकायों के लिए एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है।
शिक्षण संस्थानों और आवासीय परिसरों के लिए निर्देश
शिक्षा विभाग और स्थानीय निकायों के समन्वय से अब शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) के माध्यम से वैज्ञानिक निस्तारण की यह प्रक्रिया स्कूलों और सरकारी कार्यालयों के लिए भी महत्वपूर्ण है। बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय के स्वच्छता प्रोटोकॉल के तहत, अब सभी सरकारी इमारतों को अनिवार्य रूप से इस वैज्ञानिक निस्तारण प्रणाली से जुड़ना होगा।
आमजन और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- निशुल्क सेवा: जो नागरिक या स्कूल प्रशासन अपनी सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करना चाहते हैं, वे स्थानीय नगर परिषद की हेल्पलाइन का उपयोग करें।
- वैज्ञानिक प्रबंधन: कचरे और स्लज का असुरक्षित निस्तारण अब नियमों के विरुद्ध माना जाएगा।
- हेल्पलाइन: संबंधित निकाय द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर बुकिंग कराना अनिवार्य है ताकि रिकॉर्ड संधारित किया जा सके।
स्वच्छता का महत्व
हमारी टीम का मानना है कि यदि शिक्षण संस्थानों में स्वच्छता का स्तर बेहतर होगा, तो इसका सीधा प्रभाव छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा। स्वच्छता के इस नए मॉडल को अपनाकर हम बीमारियों को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा रहे हैं। सभी प्रधानाचार्यों और संस्था प्रधानों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने परिसर की सफाई के लिए अधिकृत सरकारी मशीनरी का ही उपयोग करें।
अधिक जानकारी के लिए अपने स्थानीय नगर निकाय कार्यालय में संपर्क करें।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।