
नशे के खिलाफ राजस्थान के 409 स्कूलों में अभियान, जानिए छात्रों पर क्या होगा असर
Posted on 23 जुलाई 2026
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राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे 'नशा मुक्त राजस्थान' अभियान के तहत प्रदेश के स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें एक स्वस्थ, सुरक्षित तथा नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।
स्कूलों में विशेष कार्यशालाएं आयोजित
पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल ने राजसमंद जिला कलेक्ट्रेट में अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान राज्य के सभी आठों ब्लॉकों में शत-प्रतिशत कवरेज के साथ सफलतापूर्वक संचालित किया गया है। इस दौरान जिले के 409 सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन कार्यशालाओं में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को नशे के गंभीर सामाजिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया।
मास्टर ट्रेनर्स ने संभाली कमान
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 350 मास्टर रिसोर्स पर्सन तैयार किए गए। इनमें 227 सरकारी पीईईओ (प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता विद्यालय) एवं यूसीईईओ (उप जिला शिक्षा अधिकारी) तथा 123 निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल थे। इन मास्टर ट्रेनर्स को ब्लॉक स्तर पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रभावी ढंग से प्रेरित कर सकें।
बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने की सहभागिता
अभियान के तहत आयोजित विभिन्न गतिविधियों में कुल 76,716 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें 65,857 विद्यार्थी, 4,708 शिक्षक और बड़ी संख्या में अभिभावक शामिल थे। विद्यालयों में संवाद सत्र, नशामुक्ति की शपथ, पोस्टर, निबंध और स्लोगन लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसके साथ ही, नशे के खतरों को दर्शाने वाली प्रेरणादायक लघु फिल्में 'शिकंजा' और 'चलो तोड़ दें ये बंधन' भी प्रदर्शित की गईं।
भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि यदि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहती है, तो परिवार, समाज और राष्ट्र का भविष्य सुरक्षित और समृद्ध होगा। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने तथा स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों और परिवार को भी प्रेरित करने का आग्रह किया। आमजन से भी 'नशा मुक्त राजस्थान' और 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की गई है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।