
NEET विवाद: नागौर में छात्रों-अभिभावकों ने PM को सौंपा ज्ञापन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
Posted on 20 जुलाई 2026
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नागौर। देश में चल रहे नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। इसी कड़ी में, हमारी टीम को मिली जानकारी के अनुसार नागौर जिले के युवाओं, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्थानीय जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे CJP कार्यकर्ताओं के संसद मार्च के बीच प्रस्तुत किया गया, जिसमें केंद्र सरकार से नीट परीक्षा प्रणाली में सुधार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील की गई है।
हम समझते हैं कि इस संवेदनशील मुद्दे पर छात्रों और उनके परिवारों की चिंताएं जायज हैं। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नीट परीक्षा में लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं और विवादों ने लाखों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के भरोसे को हिला दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार की गड़बड़ियां न केवल छात्रों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं, बल्कि पूरी शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी कमजोर करती हैं।
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें:
- नीट परीक्षा की पारदर्शिता: प्रतिनिधियों ने मांग की है कि नीट परीक्षा प्रणाली को पूर्ण रूप से पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की धांधली या अनियमितता की कोई गुंजाइश न रहे।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: नीट विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा देने की मांग भी की गई है। उनका मानना है कि यह स्थिति शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाती है।
- राष्ट्रीय भाषा का सम्मान: ज्ञापन में राष्ट्रीय भाषा को उचित सम्मान देने और उसके प्रचार-प्रसार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी शामिल है।
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार: देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने, छात्रों को समान अवसर प्रदान करने और शिक्षा नीति में आवश्यक सुधार करने की मांग की गई है ताकि सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
- युवाओं के लिए रोजगार: प्रतिनिधियों ने सरकार से युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। उनका कहना है कि शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर पैदा करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से पुरजोर आग्रह किया है कि उनकी इन सभी महत्वपूर्ण मांगों को जल्द से जल्द प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाए। उनका दृढ़ विश्वास है कि छात्र-छात्राओं, युवाओं और अभिभावकों से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर शीर्ष स्तर पर प्रभावी निर्णय लिए जाने अत्यंत आवश्यक हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर हमारी टीम लगातार नजर बनाए हुए है और हम आपको हर अपडेट से अवगत कराते रहेंगे। शिक्षा जगत और युवाओं के भविष्य से जुड़े ऐसे अहम मुद्दों पर सरकार की प्रतिक्रिया का बेसब्री से इंतजार है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।