
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का नया अवतार: अंग्रेजी प्रार्थना, मेडिटेशन और स्व-शासन!
Posted on 24 जुलाई 2026
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पाली: हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, 'मिशन मानस' के तहत पाली जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चवाड़िया में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व नवाचार किए जा रहे हैं। यह पहल जिले के कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी की प्रेरणा से संचालित है, जिसका उद्देश्य छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है।
अंग्रेजी माध्यम में प्रार्थना सभा: व्यक्तित्व विकास का नया अध्याय
स्कूल में अब रोजाना सुबह 7:20 बजे होने वाली प्रार्थना सभा का पूरा संचालन छात्र अंग्रेजी में करते हैं। इस सत्र में व्यायाम, सरस्वती वंदना, भ्रामरी, मेडिटेशन, समाचार वाचन, जीके क्विज, ‘थॉट ऑफ द डे’, बाल कविता और समूहगान जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इससे न केवल छात्रों के व्यक्तित्व विकास को गति मिल रही है, बल्कि उनकी अभिव्यक्ति क्षमता और मंच संचालन कौशल में भी निखार आ रहा है।
नवोदय विद्यालय की तर्ज पर एमओसी प्रणाली: स्व-अनुशासन और नेतृत्व का विकास
स्कूल में नवोदय विद्यालय की तर्ज पर 'मास्टर ऑफ क्लास' (एमओसी) प्रणाली भी लागू की गई है। इस प्रणाली के अंतर्गत, छात्र प्रतिदिन अपनी कक्षा की सकारात्मक और नकारात्मक गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार करते हैं। प्रधानाचार्य दिनेश कुमार आठवें कालांश में इन रिपोर्टों की समीक्षा करते हैं और अगले दिन की कार्ययोजना छात्रों के साथ मिलकर तैयार कराते हैं। यह व्यवस्था छात्रों में स्व-अनुशासन, जिम्मेदारी की भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
छात्रों के हाथों में व्यवस्था की बागडोर: सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी
स्कूल के वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों के मंच संचालन से लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी अब छात्रों को सौंपी जा रही है। सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उनकी लगातार भागीदारी का सकारात्मक प्रभाव उनके व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और संप्रेषण कौशल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
स्वच्छता में भी छात्रों की पहल: क्राउड फंडिंग से सुविधाएँ
स्कूल में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। शौचालयों की नियमित सफाई के लिए छात्रों ने स्वयं क्राउड फंडिंग के माध्यम से राशि एकत्र की है। इस राशि का उपयोग, लेखा-जोखा और संपूर्ण प्रबंधन भी छात्र स्वयं संभाल रहे हैं, जिससे उनमें पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक सहभागिता की भावना मजबूत हो रही है।
सीमित संसाधनों में नवाचार की मिसाल: 12 कार्मिकों के साथ 19 पद स्वीकृत
यह उल्लेखनीय है कि स्कूल में कुल 19 पद स्वीकृत होने के बावजूद, वर्तमान में प्रधानाचार्य सहित केवल 9 कार्मिक और 3 पंचायत शिक्षक, यानी कुल 12 सदस्यीय टीम कार्यरत है। इन सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के बावजूद, जनवरी 2026 से प्रधानाचार्य दिनेश कुमार के नेतृत्व में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक असर छात्रों के समग्र विकास पर भी स्पष्ट दिख रहा है, जो राजस्थान के अन्य सरकारी स्कूलों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।