
सरकारी स्कूल में पर्यावरण संरक्षण की मिसाल: टीचर-छात्रों ने बनाए सीड बॉल, बनेगा फूलों का किचन गार्डन
Posted on 28 जुलाई 2026
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रेरित होकर, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल चवाड़िया ने पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी पहल की है। हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार के नेतृत्व में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने न केवल सीड बॉल से पौधे तैयार किए, बल्कि बेकार प्लास्टिक थैलियों का पुन: उपयोग कर एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है।
सीड बॉल और प्लास्टिक के दोहरे उपयोग से पर्यावरण को संदेश
विद्यालय के वृक्षारोपण प्रभारी शेर मोहम्मद खान के निर्देशन में, विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में लगे विभिन्न वृक्षों से बीज एकत्रित किए। इन बीजों से सीड बॉल तैयार कर उन्हें अंकुरित किया गया। इस प्रक्रिया में, स्कूल में बेकार पड़ी प्लास्टिक की थैलियों का रचनात्मक तरीके से पुन: उपयोग किया गया, जिससे प्लास्टिक कचरे को कम करने और उसके पुनर्चक्रण का एक सशक्त संदेश दिया गया। यह पहल स्थानीय समुदाय के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।
पौधारोपण अभियान और सामुदायिक भागीदारी
विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर स्कूल परिसर के साथ-साथ गांव के खेल मैदान, मंदिर परिसर और गोचर भूमि जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी कनेर, गुलमोहर, मोगरा, नीम और जामुन जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। इस पौधारोपण अभियान में शिक्षक सुरेंद्र मीना, अशोक बोराना, खुशबू दग्दी, राजेंद्र कुमार, वंदना मीना और गोपाली मीना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय निवासी कमल सिंह और छैलेंद्र सिंह ने सामुदायिक स्थलों के चयन और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने में सहयोग किया।
विद्यालय में विकसित होगा फूलों का किचन गार्डन
विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार ने बताया कि विद्यालय पहले से ही अपने हरे-भरे परिसर के लिए जाना जाता है, जो पूर्व और वर्तमान स्टाफ के प्रकृति प्रेम का प्रमाण है। अब, विद्यालय परिसर में एक फूलों का किचन गार्डन विकसित करने की योजना है। इस गार्डन में गेंदा जैसे आसानी से उगने वाले विभिन्न फूलों के पौधे लगाए जाएंगे। प्रधानाचार्य ने जोर दिया कि इस प्रकार की पहलें विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करती हैं।
मुख्य बिंदु:
- प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पहल।
- सीड बॉल के माध्यम से पौधे तैयार किए गए।
- बेकार प्लास्टिक थैलियों का पुन: उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
- सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण अभियान।
- विद्यालय परिसर में फूलों का किचन गार्डन बनाने की योजना।
- विद्यार्थियों में पर्यावरण जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना का विकास।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।