
राजस्थान शिक्षा अपडेट: स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप में बड़ा बदलाव, विदेश पढ़ाई के अवसर घटे
Posted on 18 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए दी जाने वाली स्कॉलरशिप योजना में व्यापक फेरबदल किया है। राज्य के मेधावी विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई इस योजना का नाम बदलकर अब 'स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस' कर दिया गया है। इस बदलाव का सीधा असर उन छात्रों पर पड़ेगा जो विदेश में पढ़ने का सपना देख रहे हैं।
क्या हुए हैं बड़े बदलाव?
- सीटों का गणित: पहले जहां विदेशी संस्थानों के लिए सीटों की संख्या अधिक थी, वहीं अब इसे घटाकर मात्र 100 कर दिया गया है। इसके विपरीत, भारतीय संस्थानों के लिए सीटों को बढ़ाकर 600 कर दिया गया है।
- दायरे का विस्तार: अब इस योजना में मेडिकल, एग्रीकल्चर, आर्किटेक्चर, लॉ और मैनेजमेंट जैसे प्रोफेशनल कोर्सेस को भी शामिल कर लिया गया है।
- आय वर्ग के अनुसार सहायता: योजना का लाभ लेने के लिए तीन आय श्रेणियां (8 लाख तक, 8 से 25 लाख, और 25 लाख से अधिक) निर्धारित की गई हैं। 8 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए ट्यूशन फीस सहायता में 15% से 30% तक की कटौती की गई है।
छात्रों पर क्या होगा असर?
जयपुर सचिवालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकार अब पूरी तरह से 'स्वदेशी शिक्षा' को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है। जिन विद्यार्थियों ने विदेशी शिक्षा के लिए तैयारी की थी, उनके लिए अब अवसर काफी सीमित हो गए हैं। पिछले वर्षों में इस योजना पर 430 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, और अब फोकस भारतीय शिक्षण संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने पर है।
विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
हमारी टीम सलाह देती है कि जो भी विद्यार्थी आगामी सत्र के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नई गाइडलाइंस को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। सीटों की कम संख्या को देखते हुए प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। विशेष रूप से वे छात्र जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हैं, उन्हें अपनी पात्रता और आय प्रमाण पत्र को अपडेट रखने की सलाह दी जाती है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।
