
नागौर: विश्व स्तनपान सप्ताह पर जागरूकता रैली और माताओं के लिए विशेष सत्र आयोजित
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियानों का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और विभिन्न संस्थानों के संयुक्त प्रयास से माताओं को शिशु के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति शिक्षित किया गया।
स्तनपान जागरूकता रैली का हुआ आयोजन
गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग और एएनएमटीसी के विद्यार्थियों ने एमसीएच पीजेएनएल हॉस्पिटल से एक भव्य जागरूकता रैली निकाली। इस रैली को पीएमओ रामावतार जाखड़ और मूलाराम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का मुख्य उद्देश्य आमजन को शिशु के पोषण और मातृ स्वास्थ्य में स्तनपान की भूमिका के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य खेमाराम लॉयल तथा उप-प्राचार्य विनोद व्यास भी उपस्थित रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सत्र
जागरूकता कार्यक्रमों की कड़ी में जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए विशेष बैठकों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं:
- शिशु के जन्म के तुरंत बाद पिलाया जाने वाला 'कोलोस्ट्रम' (गाढ़ा-पीला दूध) रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- नियमित स्तनपान शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अनिवार्य है।
- शिशु के प्रथम छह माह केवल स्तनपान की महत्ता पर जोर दिया गया।
- ग्रामीण स्तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई।
इन बैठकों का संचालन सीएसआर टीम के प्रतिनिधि चेतन रावल और उनके सहयोगियों द्वारा किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय माताओं ने इन कार्यक्रमों में भाग लिया और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्राप्त किए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अभियानों से नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और कुपोषण को दूर करने में बड़ी सहायता मिलती है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।