
सरकारी स्कूलों में नेत्र जांच अभियान: 88 छात्राओं की आँखें कमजोर, नागौर जिले के स्कूलों के लिए प्रेरणा
Posted on 4 अगस्त 2026
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नागौर, राजस्थान: शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों का स्वास्थ्य भी राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। इसी कड़ी में राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में सिरोही जिले के पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में ग्लोबल अस्पताल नेत्र संस्थान द्वारा आयोजित एक निःशुल्क नेत्र जांच शिविर ने पूरे राज्य के लिए एक मिसाल कायम की है। हमारी टीम का मानना है कि ऐसे अभियान नागौर जिले सहित पूरे राजस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य पहल: एक सफल प्रयास
इस विशेष शिविर में कुल 375 छात्राओं की आंखों की विस्तृत जांच की गई। यह जांच उनकी दृष्टि की तीक्ष्णता और समग्र नेत्र स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए डिज़ाइन की गई थी। शिविर के दौरान, यह पाया गया कि 88 बालिकाओं को विभिन्न प्रकार की नेत्र संबंधी समस्याएं थीं, जिन्हें चिन्हित किया गया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बच्चों की आंखों की देखभाल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य सुमन कुमारी और पीएम श्री प्रभारी गोपाल सिंह राव पोसालिया ने जानकारी दी कि चिन्हित की गई 88 छात्राओं को उनकी आवश्यकतानुसार निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उनकी शिक्षा पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। यह एक सराहनीय पहल है जो बच्चों को बेहतर शैक्षिक अवसर प्रदान करने में मदद करेगी।
विशेषज्ञ उपचार और रेफरल की व्यवस्था
नेत्र संबंधी समस्याओं से जूझ रही सभी छात्राओं को केवल चश्मे प्रदान करके ही नहीं, बल्कि गंभीर मामलों में विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित करके भी सहायता दी जा रही है। शिविर में हुई विस्तृत जांच के बाद, 25 बालिकाओं को आगे के विशेषज्ञ उपचार के लिए आबूरोड स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रेफर किया गया है। यह सुनिश्चित करता है कि जिन बच्चों को जटिल नेत्र रोग हैं, उन्हें समय पर और उचित चिकित्सा मिल सके।
हमारी टीम को यह जानकर प्रसन्नता है कि इस शिविर के दौरान अनुपस्थित रहीं 85 बालिकाओं की नेत्र जांच दूसरे चरण में की जाएगी। यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी छात्रा इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे। ग्लोबल अस्पताल नेत्र संस्थान जैसी संस्थाएं सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से इस तरह के निःशुल्क नेत्र जांच शिविर और चश्मे उपलब्ध कराने का कार्य कर रही हैं, जो वास्तव में 'सब पढ़े, सब बढ़ें' के मंत्र को साकार करता है।
बीकानेर निदेशालय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, यह पहल शिक्षा विभाग, बीकानेर निदेशालय के निर्देशों और विजन के अनुरूप है, जो प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। निदेशालय समय-समय पर विद्यालयों को छात्रों के समग्र विकास के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश देता रहता है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि हमारे जिले के विद्यालयों में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित हों।
नेत्र जांच दल में नेत्र परीक्षण अधिकारी शालू हाड़ा, हरप्रिया, अमरीन कुरैशी, राम दीपरा, सुरेश कुमार और जितेंद्र कुमार जैसे अनुभवी सदस्य शामिल थे, जिन्होंने बालिकाओं की जांच की और आवश्यक परामर्श प्रदान किया। ऐसे स्वास्थ्य शिविर नेत्र संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाया जा सकता है। हम आशा करते हैं कि नागौर जिले के विद्यालयों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।