
Rajasthan Education: सारला स्कूल में विज्ञान संकाय नहीं, 450 छात्र कला पढ़ने को मजबूर
Posted on 19 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्र के सारला गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान संकाय की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण लगभग 450 छात्र-छात्राएं कला संकाय में अध्ययन करने को विवश हैं। स्कूल को स्थापित हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक केवल कला संकाय ही संचालित हो रहा है।
प्रतिभाओं का अधूरा सपना
सीमावर्ती क्षेत्रों में आजीविका मुख्य रूप से खेती पर निर्भर करती है। ऐसे में, कई गरीब परिवार अपने बच्चों को दूर के निजी या अन्य सरकारी स्कूलों में भेजने में असमर्थ होते हैं, जिससे वे शिक्षा बीच में ही छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। विज्ञान संकाय की अनुपलब्धता के कारण, प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को अपनी पसंद के विपरीत कला संकाय चुनना पड़ रहा है, जिससे उनके डॉक्टर या इंजीनियर बनने के सपने अधूरे रह जाते हैं।
अभभावकों की मांग
ग्राम पंचायत सारला के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। अभिभावकों का कहना है कि विज्ञान संकाय न होने से उनकी बेटियों को आगे बढ़ने का उचित अवसर नहीं मिल पा रहा है। वे चाहते हैं कि सरकार इस दिशा में शीघ्र कदम उठाए ताकि छात्र-छात्राओं को उनके सपनों को पूरा करने का मौका मिल सके।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सारला (अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्र)
- नामांकित छात्र: लगभग 450
- समस्या: विज्ञान संकाय की अनुपलब्धता
- परिणाम: छात्र-छात्राएं कला संकाय पढ़ने को मजबूर
- मांग: विज्ञान संकाय खोलने की पुरजोर मांग
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।