
नागौर: गोगेलाव के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी, 400 छात्रों का भविष्य अधर में
Posted on 18 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले की ग्राम पंचायत गोगेलाव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इन दिनों गंभीर शैक्षणिक संकट से जूझ रहा है। विद्यालय में शिक्षकों के महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिसका सीधा असर यहां अध्ययनरत करीब 400 छात्र-छात्राओं के भविष्य पर पड़ रहा है।
शिक्षा की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में शिक्षा विभाग की उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। विद्यालय में नियमित अध्यापकों के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
प्रमुख समस्याएं और चुनौतियां
- शिक्षकों के रिक्त पद: विद्यालय में कई महत्वपूर्ण विषयों के व्याख्याता और वरिष्ठ अध्यापक के पद खाली हैं, जिससे पाठ्यक्रम समय पर पूरा होना मुश्किल है।
- छात्रों का भविष्य: बोर्ड कक्षाओं सहित कुल 400 विद्यार्थियों की पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही है, जिससे उनके शैक्षणिक परिणामों पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका है।
- ग्रामीणों का विरोध: विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग की लचर कार्यप्रणाली के विरोध में ग्रामीण लामबंद हो गए हैं और शीघ्र नियुक्तियों की मांग कर रहे हैं।
विभाग की क्या है स्थिति?
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में रिक्त पदों को भरने के लिए पूर्व में भी शिक्षा विभाग और उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि जल्द ही इन पदों पर नए शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई, तो ग्रामीण आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं।
हमारी टीम लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब करने का प्रयास कर रही है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।