
नागौर: खराब बस में बच्चों ने लगाया धक्का, शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर
Posted on 28 जुलाई 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, शिवगंज शहर में एक निजी स्कूल की मिनी बस के बीच रास्ते में खराब हो जाने का मामला सामने आया है। छुट्टी के बाद घर लौट रहे काबा विश्वकर्मा एकेडमी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के बच्चों को स्कूल बस को धक्का लगाते हुए देखा गया। यह घटना आर्य समाज के पीछे की गली में घटित हुई, जिसने निजी स्कूलों द्वारा बच्चों की सुरक्षा के प्रति बरती जा रही गंभीर लापरवाही को उजागर किया है। बच्चों द्वारा बस को धक्का लगाने का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
खटारा वाहनों से बच्चों की ढुलाई चिंताजनक
जानकारी के अनुसार, जिलेभर में खराब और खटारा स्कूली वाहनों से बच्चों को ढोना एक आम बात हो गई है। अभिभावकों का आरोप है कि जिला प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। निजी स्कूल जहाँ वाहन सुविधा के नाम पर अभिभावकों से मोटी फीस वसूलते हैं, वहीं दूसरी ओर वाहनों के नियमित रखरखाव और मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बच्चों द्वारा बस को धक्का लगाना इसी लापरवाही का सीधा प्रमाण है।
अनदेखे जा रहे सुरक्षा मानक
स्कूली वाहनों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों को अक्सर अनदेखा किया जा रहा है। इनमें ड्राइवर-हेल्पर की यूनिफॉर्म, फर्स्ट एड बॉक्स की उपलब्धता, वैध फिटनेस प्रमाणपत्र और क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाना जैसी महत्वपूर्ण बातें शामिल हैं। इसके बावजूद, शहर के कई निजी स्कूल वाहन इन अनिवार्य मानकों की धड़ल्ले से अनदेखी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच न होने के कारण ऐसे खटारा वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
प्रशासनिक निगरानी पर सवाल
इस घटना ने शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला एक बार फिर स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ रहा है।
अभिभावकों की मांग
अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- सभी निजी स्कूल वाहनों की विशेष जांच कराई जाए।
- सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
- भविष्य में बच्चों की जान जोखिम में न पड़े, इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
यह घटना बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।