
NEET Protest Erupts in Didwana: Demand for Education Minister's Resignation
Posted on 23 जुलाई 2026
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हमारे डीडवाना संवाददाता के अनुसार, नई दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में छात्र संगठन एनएसयूआई ने गुरुवार को डीडवाना में जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले फूंके।
रैली और कलेक्ट्रेट घेराव का प्रयास
एनएसयूआई के डीडवाना-कुचामन जिलाध्यक्ष रामनिवास गोयल और नागौर जिलाध्यक्ष समीर खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बांगड़ कॉलेज से अपनी रैली शुरू की। यह रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला कलेक्टर आवास तक पहुंची। यहां कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर आवास का घेराव करने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां मुख्य द्वार से अंदर जाने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें पुनः रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
छात्रों के भविष्य पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई नेताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के प्रति गंभीर न होने का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से नीट परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का घोर हनन बताया।
लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन का आरोप
कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के समर्थन में पहुंचे राहुल गांधी को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका मानना था कि सरकार छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि देशभर के छात्र शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने नीट पेपर लीक प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। नागौर जिलाध्यक्ष समीर खान ने कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ एनएसयूआई छात्रों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।