
नागौर: सरकारी स्कूलों में जनसहयोग से बढ़ा सुरक्षा का दायरा, सीसीटीवी कैमरों से लैस हुआ विद्यालय
Posted on 26 जुलाई 2026
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हमारे जायल संवाददाता के अनुसार, शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अब जनभागीदारी का मॉडल काफी प्रभावी साबित हो रहा है। इसी क्रम में, ग्राम पंचायत स्तर पर एक सराहनीय पहल देखने को मिली है, जहां भामाशाहों के सहयोग से विद्यालय परिसर को हाई-टेक सुरक्षा प्रणाली से लैस किया गया है।
जनसहयोग से सुरक्षा का नया अध्याय
विद्यालय में करीब 30 हजार रुपये की लागत से चार अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे और एलईडी मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। यह पहल न केवल विद्यालय की भौतिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि शैक्षिक माहौल में अनुशासन और पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगी। शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, स्थानीय भामाशाहों की सक्रियता से सरकारी विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।
शिक्षकों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण संदेश
- शैक्षणिक वातावरण: सीसीटीवी की निगरानी से कैंपस में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश नियंत्रित रहेगा, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
- पारदर्शिता: बीकानेर निदेशालय द्वारा समय-समय पर विद्यालयों में सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश दिए जाते हैं, यह पहल उन मानकों को पूरा करने में सहायक है।
- निगरानी: विद्यालय समय में होने वाली गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए यह सिस्टम एक 'आई वॉच' की तरह काम करेगा।
शिक्षा विभाग की प्राथमिकता
हाल के दिनों में जयपुर सचिवालय और शिक्षा निदेशालय की ओर से सरकारी स्कूलों में सुरक्षा मापदंडों को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसे में, यदि विद्यालय विकास समिति (SMC) और भामाशाह मिलकर इस तरह के सुरक्षा प्रबंध करते हैं, तो यह सीधे तौर पर सरकारी खजाने पर भार डाले बिना बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम करता है।
हमारी टीम अभिभावकों से अपील करती है कि वे अपने क्षेत्र के विद्यालयों में होने वाले ऐसे सकारात्मक बदलावों में सहयोग दें। सुरक्षित स्कूल ही बेहतर भविष्य की नींव होते हैं। शिक्षा विभाग की किसी भी आगामी तबादला सूची, विभागीय आदेश या नीतिगत बदलावों की जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहें।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।