
मेड़ता: लांपोलाई स्कूल में छात्राओं को मिले छाते, शिक्षा के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर
Posted on 29 जुलाई 2026
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हमारे मेड़ता संवाददाता के अनुसार, पादूकलां के निकटवर्ती ग्राम पंचायत लांपोलाई स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं के प्रोत्साहन और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर, विद्यालय की कक्षा 1 से 12वीं तक की छात्राओं को बारिश और तेज धूप से बचाव के लिए छातों का वितरण किया गया। यह पहल सुनिश्चित करती है कि मौसम की चुनौतियों के कारण उनकी शिक्षा किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो।
विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक और पर्यावरण प्रेमी अनिल कुमार टाक ने इस वितरण कार्यक्रम की अगुवाई की। उन्होंने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा प्रयास किया है; इससे पहले भी 51 से अधिक छात्राओं को छाते उपलब्ध कराए जा चुके हैं। टाक ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार करना और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना हम सभी की साझा सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण अंचल की बेटियों के शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें हर स्तर पर प्रोत्साहन और समर्थन मिलना चाहिए।
ग्रामीण शिक्षा में बढ़ता विश्वास और गुणवत्तापूर्ण प्रयास
विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य शशांक शेखर सिंह ने अनिल कुमार टाक के इस जनहितकारी कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनका आभार व्यक्त किया। सिंह ने कहा कि ऐसे सामाजिक सहयोग और व्यक्तिगत प्रयासों से न केवल विद्यार्थियों का विद्यालय के प्रति लगाव बढ़ता है, बल्कि अभिभावकों का सरकारी विद्यालयों पर विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब समाज और विद्यालय मिलकर काम करते हैं, तो शिक्षा का माहौल अधिक सकारात्मक और प्रभावी हो जाता है।
प्रधानाचार्य ने आगे बताया कि लांपोलाई राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, एक अनुशासित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण का निर्माण, तथा विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित आयोजन शामिल है। इन गतिविधियों का उद्देश्य सिर्फ अकादमिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि छात्रों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जागरूकता और व्यक्तिगत कौशल का विकास करना भी है। उन्होंने क्षेत्र के सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का प्रवेश राजकीय विद्यालयों में कराएं, ताकि वे इन सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में स्टाफ और छात्रों की सक्रिय भागीदारी
इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में विद्यालय के कई महत्वपूर्ण सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इनमें व्याख्याता कमला प्रजापत, राजेंद्र कुमार सांगवा, सरोज पूनिया, देवेंद्र शर्मा, शारीरिक शिक्षक मोहनराम डांगा, वरिष्ठ शिक्षक सोहनलाल पड़गढ़, कृष्ण कुमार, राशिद खान गोरी, सचिन पारीक, लख्मीचंद, मोहम्मद आलम, सुमन, बलदेवराम बढ़ियासर और प्रदीप टेलर सहित अन्य स्टाफ सदस्य शामिल थे। सभी ने मिलकर इस पहल को सफल बनाने में अपना योगदान दिया, जो दर्शाता है कि पूरा विद्यालय परिवार बच्चों के भविष्य के प्रति कटिबद्ध है। यह आयोजन शिक्षा के प्रति समाज की बढ़ती जागरूकता और सरकारी स्कूलों की मजबूती को परिलक्षित करता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।