
नागौर: पटवारी के तबादले पर कोर्ट की रोक, ग्रामीणों को मिली राहत
Posted on 18 जुलाई 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा लामपोलाई पटवार मंडल के पटवारी रामनिवास बोरानिया के तबादले के आदेश पर माननीय न्यायालय ने अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय ने पटवारी बोरानिया को फिलहाल उनके वर्तमान पद पर ही यथावत कार्यरत रखने का निर्देश जारी किया है। इस आदेश से क्षेत्र के ग्रामीणों ने गहरा संतोष व्यक्त किया है।
तबादले पर ग्रामीणों ने जताई थी आपत्ति
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने पटवारी रामनिवास बोरानिया का स्थानांतरण भीलवाड़ा जिले के मांडल क्षेत्र के लिए किया था। इस स्थानांतरण की सूचना प्राप्त होते ही लामपोलाई और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों ने इसका पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि पटवारी बोरानिया विगत कई वर्षों से इस क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं और उन्होंने आम जनता के राजस्व संबंधी कार्यों का निपटारा हमेशा समय पर और पारदर्शिता के साथ किया है। उनकी कार्यशैली और व्यवहार से सभी संतुष्ट थे, इसलिए ग्रामीण उनके तबादले को निरस्त करने की मांग कर रहे थे।
ग्रामीणों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
अपनी मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने पटवारी रामनिवास बोरानिया के साथ मिलकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने स्थानांतरण आदेश को चुनौती देते हुए उन्हें यथावत पद पर बनाए रखने के लिए याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत की गई दलीलों और परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार किया।
न्यायालय का निर्णय जनहित में
सभी पक्षों को सुनने के पश्चात, न्यायालय ने पटवारी रामनिवास बोरानिया के स्थानांतरण आदेश पर अंतरिम रोक लगाने का महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। न्यायालय के निर्देशानुसार, पटवारी बोरानिया को वर्तमान में लामपोलाई में ही अपनी सेवाएं जारी रखनी होंगी। न्यायालय के इस निर्णय को स्थानीय ग्रामीणों ने जनहित में एक सराहनीय कदम बताया है और न्यायपालिका के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।