
राजस्थान में नकल गिरोह पर बड़ा प्रहार: उड़नदस्ते ने 93 कॉपियां की सील, हुई कड़ी कार्रवाई
Posted on 21 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान में परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग और विभिन्न विश्वविद्यालयों की ओर से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निजी महाविद्यालय में सामूहिक नकल के मामले का भंडाफोड़ किया है। इस घटना ने परीक्षा केंद्रों पर बढ़ती सख्ती और 'जीरो टॉलरेंस' नीति को एक बार फिर रेखांकित किया है, जो पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक स्पष्ट संदेश है।
जानकारी के अनुसार, बीए द्वितीय वर्ष की हिंदी साहित्य की परीक्षा के दौरान उड़नदस्ते ने एक परीक्षा केंद्र पर औचक निरीक्षण किया। टीम को मौके पर ही कुछ परीक्षक छात्रों को बोल-बोलकर उत्तर लिखवाते हुए पाए गए। यह दृश्य देखकर उड़नदस्ता तत्काल हरकत में आया और विस्तृत जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच और उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन में यह स्पष्ट हो गया कि सभी छात्रों के उत्तर लगभग एक समान थे, जो सामूहिक नकल की ओर इशारा कर रहा था। इसके बाद, सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी संबंधित परीक्षकों द्वारा छात्रों को उत्तर डिक्टेट करने की पुष्टि हुई।
कड़ी कार्रवाई और 'जीरो टॉलरेंस' नीति
इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद, उड़नदस्ते ने बिना किसी देरी के 93 उत्तर पुस्तिकाओं को सील कर दिया। इसके साथ ही, इन सभी 93 परीक्षार्थियों के विरुद्ध सामूहिक नकल का प्रकरण दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का प्रमाण है, जिसके तहत परीक्षा की पवित्रता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया है कि नकल अथवा परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले किसी भी कृत्य के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि केवल योग्य छात्र ही आगे बढ़ें और शिक्षा का स्तर बना रहे।
पूरे प्रदेश में सघन निरीक्षण जारी
यह घटना केवल एक केंद्र तक सीमित नहीं है। विश्वविद्यालय के उड़नदस्तों ने जैसलमेर जिले के विभिन्न राजकीय और निजी महाविद्यालयों जैसे अनडू, फतेहगढ़, रामगढ़, जैसलमेर शहर के साथ-साथ बाड़मेर जिले के शिव क्षेत्र में भी परीक्षा केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। इन निरीक्षणों के दौरान, बाड़मेर के शिव केंद्र पर अनुचित साधनों के प्रयोग का एक अन्य प्रकरण भी दर्ज किया गया है। कुछ अन्य निजी महाविद्यालयों में भी परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के प्रयोग का संदेह पाया गया है, जिनकी विस्तृत जांच की अनुशंसा की गई है। कुलगुरु ने स्वयं भी खेड़ापा, बावड़ी स्थित विभिन्न महाविद्यालयों के परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिसमें परीक्षा कक्षों, प्रश्नपत्र वितरण, उत्तर-पुस्तिकाओं की सुरक्षा, अनुशासन और गोपनीयता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए संदेश
- विद्यार्थियों के लिए: यह स्पष्ट है कि नकल या किसी भी अनुचित साधन का प्रयोग करने वाले छात्रों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें परीक्षा से वंचित करना या भविष्य में परीक्षाओं से प्रतिबंधित करना शामिल हो सकता है। छात्रों को ईमानदारी और अपनी मेहनत पर भरोसा रखते हुए परीक्षा देनी चाहिए।
- शिक्षकों एवं वीक्षकों के लिए: परीक्षा ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों और वीक्षकों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से करना चाहिए। किसी भी प्रकार की मिलीभगत या लापरवाही पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
- महाविद्यालयों के लिए: निजी और सरकारी महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुरक्षा उपायों को मजबूत करना होगा ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
हमारी टीम लगातार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा विभाग तथा विश्वविद्यालयों द्वारा उठाए जा रहे कदमों की हर पल की जानकारी आप तक पहुंचाती रहेगी। परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।