
राजस्थान: 7 लाख कर्मचारियों के 90 करोड़ अटके, समर्पित अवकाश व वेतन वृद्धि पर संकट!
Posted on 19 जुलाई 2026
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नागौर। राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए इस समय एक बड़ी चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। सरकार द्वारा कर्मचारियों के समर्पित (सरेंडर) उपार्जित अवकाश के नकद भुगतान में हो रही असामान्य देरी ने प्रदेशभर के करीब सात लाख कर्मचारियों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। आलम यह है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अप्रैल में किए गए आवेदनों के बावजूद, लगभग 90 करोड़ रुपये की राशि ट्रेजरी से बिल पारित होने के तीन महीने बाद भी कर्मचारियों के खातों तक नहीं पहुंची है।
भुगतान में देरी: डबल झटका
यह मामला केवल समर्पित अवकाश के भुगतान में देरी का नहीं, बल्कि कर्मचारियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। हमारी टीम को मिली जानकारी के अनुसार, अधिकांश कर्मचारियों ने अप्रैल 2026 में अपने 15 दिन के समर्पित अवकाश के नकद भुगतान के लिए आवेदन किया था। संबंधित विभागों ने नियमानुसार बिल तैयार कर कोष कार्यालयों को भेजे, जहां से उन्हें विधिवत पारित भी कर दिया गया। लेकिन, आज 19 जुलाई 2026 तक यह राशि कर्मचारियों के बैंक खातों में स्थानांतरित नहीं हुई है।
इस देरी के कारण कर्मचारियों को एक और बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ है। 1 जुलाई से वार्षिक वेतन वृद्धि लागू हो चुकी है। यदि समर्पित अवकाश का भुगतान समय पर हो जाता, या कर्मचारियों ने जुलाई माह में आवेदन किया होता, तो उन्हें बढ़े हुए मूल वेतन के आधार पर अधिक राशि का लाभ मिलता। अब देरी के चलते उन्हें पुराने वेतनमान पर ही भुगतान प्राप्त होगा, जिससे प्रति कर्मचारी हजारों रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है। जयपुर सचिवालय के उच्चाधिकारियों को इस गंभीर स्थिति पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
कर्मचारियों में भारी आक्रोश और निराशा
कर्मचारी संगठनों और शिक्षकों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश और निराशा व्याप्त है। इस भुगतान पर कई कर्मचारी अपने जरूरी खर्चे, बच्चों की स्कूल फीस, घर के बिल या अन्य आर्थिक प्रतिबद्धताएं पूरी करते हैं। ऐसे में भुगतान का अटकना उनके बजट को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। यह स्थिति ऐसे समय में और भी गंभीर हो जाती है जब महंगाई अपने चरम पर है और कर्मचारियों को हर छोटी बचत का सहारा होता है।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, स्थानीय स्तर पर भी कर्मचारियों में इस मुद्दे को लेकर लगातार बातचीत हो रही है और वे सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। कई शिक्षक संगठनों ने बीकानेर निदेशालय और संबंधित कोष कार्यालयों से इस देरी का कारण स्पष्ट करने और भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है।
मुख्य बिंदु:
- राजस्थान के 7 लाख कर्मचारियों के समर्पित अवकाश के 90 करोड़ रुपये फंसे।
- अप्रैल 2026 में आवेदन, बिल पारित, लेकिन खातों में राशि नहीं पहुंची।
- 1 जुलाई से लागू वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ भी प्रभावित।
- देरी के कारण कर्मचारियों को बढ़े हुए मूल वेतन का लाभ नहीं मिलेगा।
- कर्मचारियों में आर्थिक संकट और असंतोष का माहौल।
- जयपुर सचिवालय और कोष कार्यालयों से शीघ्र समाधान की अपील।
हमारा DailyDhandora प्रशासन से आग्रह करता है कि वह इस महत्वपूर्ण मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए, कर्मचारियों के खातों में फंसे हुए भुगतान को तत्काल जारी करे ताकि उन्हें हो रहे वित्तीय नुकसान से बचाया जा सके और उनमें व्याप्त असंतोष को दूर किया जा सके।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।