
नागौर में शिक्षकों की कमी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, खाली पद भरने की चेतावनी
Posted on 28 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों की समस्या अब गंभीर होती जा रही है। पाटन स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में लंबे समय से अध्यापकों के पद खाली होने के कारण विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इस स्थिति से आक्रोशित ग्रामवासियों और विद्यालय विकास समिति ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सख्त चेतावनी दी है।
शिक्षा की गुणवत्ता पर मंडराया संकट
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में विद्यालय में मात्र पांच शिक्षक कार्यरत हैं, जिसके कारण अधिकांश विषयों की कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। इसका सीधा असर छात्रों के शैक्षणिक स्तर पर पड़ रहा है। शिक्षकों की अनुपलब्धता का सबसे बड़ा खामियाजा आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ सकता है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें और चेतावनी
- विद्यालय के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर अविलंब भरा जाए।
- अध्यापकों के अभाव में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी बाधित हो रही है, जिसे तत्काल सुधारा जाए।
- यदि प्रशासन ने इस मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीण शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही
विद्यालय विकास समिति के सदस्यों का कहना है कि शिक्षा निदेशालय, बीकानेर और जयपुर सचिवालय को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति या आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
हमारी टीम लगातार शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय अभिभावकों ने मांग की है कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से जल्द से जल्द अपडेट किया जाए ताकि छात्रों की पढ़ाई और अधिक बाधित न हो।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।