
नागौर सहित प्रदेशभर के स्कूलों में नशा मुक्ति अभियान, छात्रों को मिल रही महत्वपूर्ण जानकारी
Posted on 22 जुलाई 2026
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प्रदेश के विद्यालयों में छात्रों को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए एक वृहद जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत, नागौर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में स्कूलों में विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा नशा मुक्ति और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर विशेष विधिक जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे से होने वाले नुकसान, उनके कानूनी अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक करना है। हमारी टीम लगातार इस अभियान पर नजर रख रही है, जो छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
छात्रों को नशे के खिलाफ किया जा रहा है जागरूक
इन कार्यक्रमों में विभिन्न न्यायिक अधिकारी सीधे विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं। वे छात्रों को स्पष्ट रूप से बता रहे हैं कि नशा किस प्रकार उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, और पारिवारिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। बताया जा रहा है कि नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा, गलत संगति या साथियों के दबाव से होती है। इन सत्रों में छात्रों से ऐसे किसी भी प्रलोभन से बचने की अपील की जा रही है और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों, खेलकूद, योग व पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण इस अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित कर रहा है, जिसमें युवाओं को नशे से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। छात्रों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने और नशीले पदार्थों से दूर रहने की शपथ दिलाई जा रही है। ऐसे कार्यक्रम न केवल छात्रों को जानकारी देते हैं, बल्कि उन्हें सशक्त भी करते हैं ताकि वे सही और गलत के बीच भेद कर सकें।
शिकायत और सहायता के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
विद्यार्थियों को यह भी बताया जा रहा है कि यदि कोई उन्हें नशे के लिए प्रेरित करता है या वे कहीं ऐसी संदिग्ध गतिविधियां देखते हैं, तो उन्हें तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना देनी चाहिए। विद्यालयों में शिकायत पेटिकाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि छात्र अपनी समस्याओं या आशंकाओं को बेझिझक दर्ज करा सकें।
विधिक सेवा प्राधिकरण ने नालसा की टोल फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी जानकारी दी है, जहां कोई भी व्यक्ति नशे से संबंधित सहायता या कानूनी सलाह ले सकता है। यह हेल्पलाइन पूरे देश में कार्यरत है और ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है।
शिक्षा विभाग और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
- विद्यार्थियों के लिए: स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें, गलत संगति से बचें, खेलकूद और पढ़ाई पर ध्यान दें।
- अभिभावकों के लिए: अपने बच्चों से खुलकर बात करें, उनकी गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी बदलाव को गंभीरता से लें।
- शिक्षकों के लिए: छात्रों को जागरूक करें, उनके सवालों का जवाब दें और उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान करें।
- समाज के लिए: युवाओं को नशे से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करें और ऐसे कार्यक्रमों का समर्थन करें।
शिक्षा विभाग राजस्थान का मानना है कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और युवा पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाने के लिए आवश्यक हैं। प्राधिकरण ने यह भी सूचित किया है कि आगामी महीनों में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर जारी रहेगा, ताकि कोई भी छात्र नशे की चपेट में न आए। हमारी टीम इस महत्वपूर्ण पहल को पूरी गंभीरता से कवर करती रहेगी, जो नागौर सहित पूरे राजस्थान के छात्रों के भविष्य से जुड़ी है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।