
नागौर में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़! बिना परमिट-बीमा दौड़ रही स्कूल बस जब्त, सख्त कार्रवाई की तैयारी
Posted on 20 जुलाई 2026
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नागौर। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। हमारी टीम ने पाया कि नागौर परिवहन विभाग ने शनिवार, 18 जुलाई को एक स्कूल बस को जब्त कर लिया, जो बिना वैध परमिट, बीमा और चालक लाइसेंस के दर्जनों बच्चों को ले जा रही थी। यह कार्रवाई तब की गई जब बस को खराब हालत में, डीजल और ऑयल लीक करते हुए, साथ ही भारी धुआं छोड़ते हुए पाया गया, जिससे बच्चों की जान को सीधा खतरा उत्पन्न हो रहा था।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, यह घटना जिले के एक चौराहे पर घटी जहां परिवहन विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान वीर तेजा स्कूल से संबंधित इस बस को रोका। बस की हालत इतनी खराब थी कि यह किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। बस के निरीक्षण में पाया गया कि इसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे, जो मोटर वाहन अधिनियम के तहत गंभीर उल्लंघन है। इस प्रकार की लापरवाही न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि स्कूली बच्चों की अमूल्य जान के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।
परिवहन नियमों का सीधा उल्लंघन
जब्त की गई स्कूल बस के मामले में कई नियमों का उल्लंघन उजागर हुआ है। मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक परिवहन वाहन, विशेषकर स्कूली बस को चलाने के लिए वैध परमिट, थर्ड पार्टी बीमा और प्रशिक्षित व लाइसेंसशुदा चालक का होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र भी अपडेटेड होना चाहिए। इस बस में इन सभी अनिवार्य दस्तावेजों का अभाव पाया गया, जो स्कूल प्रशासन और बस संचालक की घोर लापरवाही को दर्शाता है। हमारी टीम इस मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने का प्रयास कर रही है।
प्रशासन की कड़ी कार्रवाई और भविष्य की दिशा
परिवहन विभाग ने बस को तत्काल जब्त कर लिया है और स्कूल प्रशासन व बस मालिक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। ऐसी उम्मीद है कि भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ बस का पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। इस घटना ने एक बार फिर स्कूली वाहनों की सुरक्षा और उनके नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर बल दिया है। बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इस प्रकार की घटनाओं पर निदेशालय द्वारा स्कूलों को नोटिस जारी करने और जवाबदेही तय करने के सख्त निर्देश हैं।
अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह
इस घटना के बाद, हमारी टीम सभी अभिभावकों से अपील करती है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले स्कूल बसों की सुरक्षा मानकों के प्रति सतर्क रहें। अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्कूल बस में निम्नलिखित सुविधाएं और दस्तावेज हों:
- वैध पंजीकरण, परमिट और बीमा।
- अनुभवी और वैध लाइसेंस वाला चालक।
- बस में फर्स्ट-एड किट और अग्निशमन यंत्र।
- आपातकालीन निकास द्वार।
- स्पीड गवर्नर और सीसीटीवी कैमरे।
- बच्चों की देखभाल के लिए एक महिला अटेंडेंट (विशेषकर छोटे बच्चों के लिए)।
हमारा मानना है कि छात्र सुरक्षा किसी भी कीमत पर समझौता योग्य नहीं है। परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से ऐसे अनियमित स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सरकार भी इस विषय पर गंभीर है और हमारी टीम ने सुना है कि जयपुर सचिवालय स्तर पर भी इस मुद्दे पर चिंतन किया जा रहा है ताकि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।