
राजस्थान शिक्षा विभाग की नई पहल: जन्मदिन पर अब चॉकलेट के बजाय पौधे बांटेंगे बच्चे
Posted on 28 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के विद्यालयों में अब जन्मदिन मनाने का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए एक नई अभिनव परंपरा की शुरुआत की है, जिसे राज्य भर के सभी सरकारी और पीएम श्री विद्यालयों में लागू किया जा रहा है।
क्या है नई व्यवस्था?
अब तक विद्यार्थी अपने जन्मदिन पर स्कूल में टॉफी या चॉकलेट बांटते थे, जिससे न केवल बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता था, बल्कि प्लास्टिक रैपर्स के कारण विद्यालय परिसर में कचरा भी फैलता था। शिक्षा विभाग की मंशा है कि अब विद्यार्थी अपने जन्मदिन पर एक पौधा लगाकर 'ग्रीन बर्थडे' की शुरुआत करें।
शिक्षा विभाग के निर्देश: मुख्य बिंदु
- पर्यावरण चेतना: बीकानेर निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी राजकीय विद्यालयों में 'एक छात्र-एक पौधा' मुहिम को प्राथमिकता दी जाएगी।
- स्वच्छता अभियान: स्कूलों में प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के लिए यह एक प्रभावी कदम साबित होगा।
- प्राकृतिक लगाव: पौधे लगाने से छात्रों में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
- अनुशासनात्मक निर्देश: स्कूल प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वे अभिभावकों को भी इस पहल के लिए प्रोत्साहित करें।
इसका क्या मतलब है?
इस बदलाव का सीधा असर प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं पर पड़ेगा। शिक्षक अब बच्चों को जन्मदिन पर पौधे लाने के लिए प्रेरित करेंगे, जिससे स्कूल का वातावरण हरा-भरा होगा। यह पहल न केवल स्कूलों को स्वच्छ रखेगी, बल्कि राज्य के 'हरित राजस्थान' लक्ष्य को पूरा करने में भी मील का पत्थर साबित होगी। शिक्षा विभाग ने सभी संस्था प्रधानों को इस परंपरा को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में सभी विद्यालयों को 'इको-फ्रेंडली' बनाया जा सके।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।