
निजी स्कूलों की 'शाला संबलन ऐप' से जांच पर हंगामा, राज्यभर में विरोध तेज
Posted on 20 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के निजी स्कूल संचालकों में शिक्षा विभाग द्वारा 'शाला संबलन ऐप' के माध्यम से प्रस्तावित निरीक्षण प्रक्रिया को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है। सोमवार को प्रदेशभर के निजी स्कूल संचालकों के प्रतिनिधि मंडलों ने जिला कलेक्टरों के माध्यम से जयपुर सचिवालय में शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में शाला संबलन ऐप के जरिए होने वाली निजी स्कूलों की जांच पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
क्या है 'शाला संबलन ऐप' का विवाद?
निजी स्कूल संचालकों के विभिन्न संगठनों ने अपनी संयुक्त मांग में बताया है कि वर्तमान में राजस्थान में हजारों निजी स्कूल लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इन विद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षक और अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। हालांकि, शिक्षा विभाग द्वारा शाला संबलन ऐप के माध्यम से जारी किए गए जांच संबंधी निर्देशों में कई ऐसे बिंदु शामिल हैं, जिन्हें निजी स्कूल संचालक अव्यावहारिक मान रहे हैं। उनका तर्क है कि ये निर्देश स्कूलों पर अनावश्यक प्रशासनिक और आर्थिक बोझ डालेंगे, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो सकता है।
प्रमुख आपत्तियां और मांगें:
- अव्यावहारिक नियम: संगठनों का आरोप है कि ऐप के जरिए जांच के कई नियम जमीनी हकीकत से परे हैं और इन्हें लागू करने में स्कूलों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
- स्थगन की मांग: स्कूल संचालकों ने स्पष्ट मांग की है कि जब तक इन नियमों और निर्देशों को व्यावहारिक नहीं बनाया जाता, तब तक शाला संबलन ऐप के माध्यम से होने वाली जांच को तत्काल स्थगित किया जाए।
- संवाद और सुधार का अवसर: ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि किसी भी निजी स्कूल में कोई कमी या खामी पाई जाती है, तो पहले संबंधित संस्था से संवाद स्थापित कर उसे सुधारने का पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए, बजाय सीधे कार्रवाई के।
- छात्र हित सर्वोपरि: संगठनों ने दोहराया है कि छात्र हित और उनकी सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है। वे सरकार द्वारा निर्धारित स्कूल भवनों की सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं और भविष्य में भी करेंगे।
जयपुर सचिवालय से संवाद की अपील
स्कूल संचालकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विशेषकर जयपुर सचिवालय से अपील की है कि वे निजी स्कूल प्रतिनिधियों के साथ एक विस्तृत चर्चा करें। इस चर्चा के माध्यम से एक ऐसा व्यावहारिक समाधान निकाला जाए, जिससे स्कूलों पर अनावश्यक दबाव न पड़े और शिक्षा की गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो सके। हमारी टीम मानती है कि यह मुद्दा केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के भविष्य से भी जुड़ा है।
इस विरोध प्रदर्शन में जिले के कई प्रमुख निजी स्कूल संचालकों और संगठन पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर इस सामूहिक मांग के प्रति अपनी सहमति व्यक्त की। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग, बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या निजी स्कूल संचालकों की मांगों पर विचार किया जाता है। DailyDhandora इस महत्वपूर्ण शैक्षिक घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए रखेगा।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।