
अजमेर में 20 करोड़ की लागत से बनेगा बालिका सैनिक स्कूल: बेटियों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण सैन्य शिक्षा
Posted on 20 जुलाई 2026
Listen News
Audio Summary
प्रदेश की बालिकाओं को सैन्य प्रशिक्षण और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अजमेर के हाथीखेड़ा क्षेत्र में लगभग 20.31 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक बालिका सैनिक स्कूल का निर्माण किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित संस्थान लगभग 30 एकड़ भूमि पर विस्तृत होगा और इसमें बालिकाओं के लिए आवश्यक सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने किया शिलान्यास
हाल ही में, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विधिवत शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अजमेर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी शैक्षणिक सौगात है। इस स्कूल के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें सैन्य प्रशिक्षण के अनुरूप एक आधुनिक और अनुशासित वातावरण भी प्राप्त होगा। हमारी टीम का मानना है कि यह संस्थान प्रदेश की बेटियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शिक्षा विभाग के प्रयासों से इस स्कूल का निर्माण कार्य अगस्त 2026 से प्रारंभ होकर अगले 15 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि आगामी शिक्षा सत्र से ही इसमें संचालन शुरू किया जा सके। यह परियोजना जयपुर सचिवालय की महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर
बालिका सैनिक स्कूल का नया परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जो छात्राओं को सर्वांगीण विकास का अवसर प्रदान करेगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- अत्याधुनिक एकेडमिक ब्लॉक: नवीनतम शिक्षण पद्धतियों और संसाधनों से युक्त कक्षा-कक्ष।
- छात्रावास (हॉस्टल ब्लॉक): छात्राओं के लिए सुरक्षित और आरामदायक आवासीय सुविधाएं।
- प्रशासनिक भवन: स्कूल के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक सुविधाएं।
- आवासीय क्वार्टर: स्टाफ सदस्यों के लिए आवास।
- इंडोर गेम्स हॉल: विभिन्न इनडोर खेलों के लिए सुविधाएं।
- विशाल खेल मैदान: बास्केटबॉल कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट और टेनिस कोर्ट सहित विविध आउटडोर खेल सुविधाएं।
- परेड ग्राउंड: सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासित गतिविधियों के लिए उपयुक्त मैदान।
- आधारभूत संरचना: मजबूत बाउंड्री वॉल, आंतरिक सड़कें, पर्याप्त पार्किंग सुविधाएँ और ट्यूबवेल सहित अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं।
इस परियोजना से राजस्थान की बेटियां राष्ट्रीय सुरक्षा और नेतृत्व के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हो सकेंगी। यह न केवल उनके व्यक्तिगत विकास में सहायक होगा, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी उनकी भूमिका को सशक्त करेगा। पूर्व में इस भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई थी ताकि परियोजना निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके। यह नया सैनिक स्कूल प्रदेश में बालिका शिक्षा के एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, यह पहल पूरे राज्य में लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देने में मदद करेगी, जिससे नागौर सहित पूरे प्रदेश की छात्राओं को प्रेरणा मिलेगी।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।