
scuole e studenti in Rajasthan: nuovi disagi a causa della lentezza della burocrazia statale e della generosità degli insegnanti, il cui impegno va oltre il proprio dovere.
Posted on 28 जुलाई 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार...
पिछले साल जर्जर होकर ढह गए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बोरखेड़ी गुजरान के भवन की स्थिति ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भवन गिरने के बाद से छात्र धूप, बारिश और गर्मी में खुले आसमान के नीचे या अस्थायी व्यवस्थाओं में पढ़ाई करने को मजबूर थे।
शिक्षक समुदाय का सराहनीय प्रयास
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, स्कूल के स्टाफ ने बच्चों की शिक्षा को बाधित न होने देने का दृढ़ संकल्प लिया। उन्होंने 'मिशन टीनशेड' अभियान चलाकर लगभग 50,000 रुपये की राशि जुटाई। इस राशि से स्कूल परिसर में तत्काल एक टीनशेड का निर्माण किया गया, जिससे बच्चों को एक सुरक्षित आश्रय मिल सका।
सामुदायिक सहयोग से मिली राहत
इस अभियान में राकेश कुमार मीणा, रामकुमार बैरवा, गीता बाई, हेमराज मीणा, दिलीप सिंह मीणा, महावीर मीणा, हेमराज मेहर, कार्यवाहक प्रधानाचार्य पवन कुमार मीणा, पुरुषोत्तम मीना, लालचंद परिहार, बजरंग लाल और मुस्तकीम मोहम्मद जैसे शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग प्रदान किया। उनके सामूहिक प्रयास से यह अस्थायी समाधान संभव हो पाया।
अपूर्ण निर्माण और भविष्य की मांगें
हालांकि, टीनशेड का निर्माण पूरा हो गया है, लेकिन फर्श का सीमेंटीकरण अभी बाकी है। स्कूल स्टाफ ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और एक स्थायी, मजबूत भवन की मांग प्रशासनिक स्तर पर लगातार जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी ताकि छात्रों को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।