
नागौर के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील सुरक्षा पर नए निर्देश: छात्रों का रसोई में प्रवेश वर्जित!
Posted on 22 जुलाई 2026
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नागौर। राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग से संबद्ध मिड-डे मील आयुक्तालय ने प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन तैयार करते समय गैस सिलेंडरों के सुरक्षित उपयोग को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह पहल विशेष रूप से हमारे नागौर जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आयुक्तालय के आयुक्त विश्व मोहन शर्मा द्वारा जारी इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के आदेश सभी जिला कलक्टरों को दिए गए हैं, जिसमें नागौर जिला भी शामिल है।
इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य स्कूल रसोईघरों में गैस के उपयोग से होने वाली किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना और छात्रों, शिक्षकों व भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाना है। हमारी टीम ने इन महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों का गहराई से विश्लेषण किया है, ताकि नागौर के अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थी इन नियमों के महत्व को समझ सकें।
सुरक्षित रसोई, सुरक्षित भविष्य: प्रमुख दिशा-निर्देश
- मानक उपकरणों का उपयोग: अब स्कूलों में केवल भारतीय मानक संस्थान (ISI) मार्क वाले एवं स्टील वायर युक्त गैस पाइप का ही उपयोग किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि उपयोग किए जा रहे उपकरण उच्च गुणवत्ता वाले और सुरक्षित हों।
- गैस रिसाव पर आपातकालीन प्रतिक्रिया: निर्देशों के अनुसार, गैस रिसाव की स्थिति में बिजली के स्विच या माचिस का बिल्कुल भी उपयोग नहीं करना है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि गैस रिसाव की स्थिति में चिंगारी से बड़ा हादसा हो सकता है।
- नियमित जांच और रखरखाव: गैस सिलेंडर, रेगुलेटर और सीलिंग रिंग की नियमित जांच अनिवार्य की गई है। किसी भी खराबी या टूट-फूट की स्थिति में तत्काल उसे ठीक कराया जाएगा या बदला जाएगा।
- हवादार रसोईघर: सभी रसोईघरों को उचित रूप से हवादार बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गैस जमा न हो सके और किसी भी रिसाव की स्थिति में गैस आसानी से बाहर निकल सके।
- छात्रों के प्रवेश पर प्रतिबंध: सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि छात्रों को रसोई में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह सीधा नियम बच्चों को रसोई से जुड़े संभावित खतरों से दूर रखने के लिए है।
- अधिकृत मैकेनिक द्वारा जांच: गैस उपकरणों की समय-समय पर अधिकृत मैकेनिक द्वारा जांच कराना भी अनिवार्य किया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी उपकरण सही ढंग से काम कर रहे हैं।
- आपातकालीन उपकरण: प्रत्येक रसोईघर में अग्निशमन यंत्र, बालू से भरी बाल्टी और आपातकालीन संपर्क नंबरों की सूची उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा। यह किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने में सहायक होगा।
आयुक्तालय ने यह भी निर्देश दिया है कि गैस वितरक एजेंसियों के माध्यम से स्कूलों के गैस उपकरणों की नियमित जांच कराई जाए और मिड-डे मील तैयार करने वाले कुक-कम-हेल्परों को सुरक्षा प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाए। इस प्रशिक्षण से वे गैस सुरक्षा प्रोटोकॉल और आपातकालीन प्रक्रियाओं से अच्छी तरह वाकिफ होंगे।
शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इन निर्देशों का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे सरकारी स्कूलों में गैस सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और हादसों की आशंका कम होगी। नागौर जिले के सभी स्कूल प्रशासन से हमारी अपील है कि इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें ताकि हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे और वे बिना किसी भय के शिक्षा ग्रहण कर सकें। यह न केवल सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि सभी के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ शिक्षण वातावरण बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार...
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।