
मूंडवा: सरकारी स्कूल में शिक्षकों के भारी टोटे से पढ़ाई चौपट, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
Posted on 30 जुलाई 2026
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हमारे मूंडवा संवाददाता के अनुसार, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त चल रहे पदों को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शिक्षा के अधिकार के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना हर छात्र का हक है, लेकिन मूंडली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। लंबे समय से शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है।
शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय में पिछले चार वर्षों से शिक्षकों के 6 से अधिक पद रिक्त चल रहे हैं। वर्तमान में मात्र 5 अध्यापकों के भरोसे 12वीं तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे पठन-पाठन का कार्य बुरी तरह बाधित हो रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई छात्र अपनी टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) कटवा चुके हैं, जबकि अन्य अभिभावक भी अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए स्कूल बदलने पर मजबूर हैं।
अभिभावकों की प्रमुख मांगें
- विद्यालय में रिक्त चल रहे सभी 6 शिक्षक पदों को अविलंब भरा जाए।
- प्रधानाचार्य (Principal) और एलडीसी (LDC) के रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्ति दी जाए।
- शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा शैक्षणिक सत्र के बीच में ही रिक्त पदों को भरने की प्राथमिकता तय हो।
शिक्षा विभाग पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि वे इस संबंध में पूर्व में भी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है। यदि बीकानेर निदेशालय और स्थानीय स्तर पर इन रिक्तियों को नहीं भरा गया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
स्कूलों में रिक्त पदों की यह समस्या केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के कई दूरदराज के क्षेत्रों में यही हाल है। ऐसे में जयपुर सचिवालय और शिक्षा विभाग को संविदा या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से इन पदों को भरने की दिशा में ठोस नीति बनानी होगी ताकि गरीब वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।