
मीठा मांजरा स्कूल में 'एक पेड़ देश के नाम' अभियान, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
Posted on 30 जुलाई 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, डेह ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल, मीठा मांजरा में गुरुवार को 'एक पेड़ देश के नाम' अभियान के तहत एक प्रेरणादायक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया, जो पर्यावरण के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पौधारोपण और संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान, स्कूल परिसर में विभिन्न प्रकार के छायादार और फलदार पौधे लगाए गए। यह कदम न केवल स्कूल परिसर को हरा-भरा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास था, बल्कि पर्यावरण की बेहतरी में भी योगदान देगा। पौधारोपण के साथ-साथ, सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस संकल्प का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लगाए गए पौधे न केवल जीवित रहें, बल्कि बढ़कर पर्यावरण को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
पर्यावरण संरक्षण का महत्व
स्कूल के शिक्षक, श्री गोपाल छाबा ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण को प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। वृक्षों से हमें शुद्ध वायु मिलती है, जो श्वसन के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, वे पर्याप्त वर्षा लाने में सहायक होते हैं, वातावरण को स्वच्छ रखते हैं और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्री छाबा ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल पौधे लगाने तक ही सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरित पर्यावरण प्राप्त हो सके, जो उनके स्वस्थ भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जन-जागरूकता और निरंतर प्रयास
स्कूल के प्रधानाचार्य, श्री रामनिवास गोदारा ने बताया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने 'एक पेड़ देश के नाम' अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी की भावना और संरक्षण के महत्व को विकसित करना है। श्री गोदारा ने इस बात पर भी बल दिया कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाला जनआंदोलन बनना चाहिए। प्रत्येक पौधे की सुरक्षा और देखभाल उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि उसका रोपण। इस प्रकार के सामूहिक प्रयास ही एक स्थायी और स्वस्थ पर्यावरण का निर्माण कर सकते हैं।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।