
निजी स्कूलों की 12 मांगों पर जैपुर सचिवालय से कार्रवाई की उम्मीद
Posted on 30 जुलाई 2026
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जयपुर: राजस्थान के निजी विद्यालयों के संचालकों ने राज्य सरकार द्वारा लागू किए जा रहे अव्यावहारिक नियमों के विरोध में अपनी आवाज उठाई है। प्रदेश भर के निजी विद्यालय संचालकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उनकी प्रमुख समस्याओं और मांगों को उजागर किया गया है।
प्रमुख मांगें और चिंताएं
हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन ने कलेक्टरेट में ज्ञापन सौंपकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर तत्काल ध्यान आकर्षित किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नियम निजी विद्यालयों के संचालन के लिए अव्यावहारिक सिद्ध हो रहे हैं, जिससे शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के भविष्य पर असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल हैं:
- शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए बकाया आरटीई पुनर्भरण राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए।
- पीएसपी और यू-डाइस पोर्टल पर नाम सामान्यीकरण के लिए संचालकों को पर्याप्त समय दिया जाए।
- शाला संबलन अभियान के तहत 44 बिंदुओं वाली अव्यावहारिक जांच को रोका जाए।
- बकाया फीस के बावजूद विद्यार्थियों की टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) जारी करने संबंधी आदेशों को वापस लिया जाए।
- छोटे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रतिवर्ष अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।
आजीविका और भविष्य पर प्रभाव
एसोसिएशन के सचिव पवन शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि इन अव्यावहारिक नियमों का सीधा असर निजी विद्यालयों की आजीविका पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करती है, तो यह स्थिति शिक्षकों और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने निजी विद्यालयों, शिक्षकों की आजीविका और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार से इन सभी मांगों पर शीघ्र एवं सकारात्मक कार्रवाई का आग्रह किया है।
इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, सचिव पवन शर्मा के साथ-साथ राकेश सोनी, आचार्य भागचंद नागर, राजेश मान, बंटी राजावत, इशराज खान, शरद दाधीच, रघुवीर पांचाल, हरिमोहन गोयल, छोटूलाल मेरोठा, श्रवण सिंह, हितेश खंडेलवाल, अशोक नागर सहित कई अन्य निजी विद्यालय संचालक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी सामूहिक आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।