
राजस्थान के प्राइवेट स्कूलों में अब अनिवार्य होंगी बोर्ड की किताबें: अभिभावकों को मिलेगी बड़ी राहत
Posted on 27 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के निजी विद्यालयों में चल रही महंगी किताबों और गाइड (एडवाइजर) के वर्चस्व को समाप्त करने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। शिक्षा सत्र 2026-27 के दौरान अब निजी स्कूलों को भी सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकों को अपनाना होगा।
अभिभावकों को मंहगी किताबों के बोझ से मिलेगी मुक्ति
सालों से अभिभावक निजी स्कूलों द्वारा थोपी जाने वाली महंगी निजी प्रकाशनों की किताबों और गाइड के बोझ तले दबे हुए थे। जयपुर सचिवालय और बीकानेर निदेशालय के संयुक्त निर्देशों के बाद अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि कोई भी निजी विद्यालय अभिभावकों को बाहरी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा।
नियमों के मुख्य बिंदु:
- समान पाठ्यक्रम: अब निजी और सरकारी दोनों स्कूलों में शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पुस्तकें ही पढ़वाई जाएंगी।
- गाइड पर प्रतिबंध: स्कूलों द्वारा किसी विशेष प्रकाशक की गाइड या एडवाइजर को अनिवार्य करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
- किताबों की उपलब्धता: राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल ने सुनिश्चित किया है कि सरकारी किताबें सभी स्तरों पर आसानी से उपलब्ध हों ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
- निगरानी समिति: प्रत्येक जिले में जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में एक निगरानी समिति का गठन किया जाएगा, जो निजी स्कूलों द्वारा इन निर्देशों के पालन की जांच करेगी।
शिक्षा विभाग की सख्ती
बीकानेर निदेशालय द्वारा जारी आदेशों में साफ कहा गया है कि यदि कोई विद्यालय इस नए नियम की अवहेलना करता पाया गया, तो उसकी मान्यता पर भी संकट आ सकता है। हमारी टीम को मिली जानकारी के अनुसार, विभाग का लक्ष्य शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकना और गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के आर्थिक बोझ को कम करना है।
यह निर्णय प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। अभिभावकों से अपील की गई है कि यदि कोई निजी स्कूल मनमानी फीस या बाहरी किताबों के लिए दबाव बनाता है, तो वे तुरंत निकटतम शिक्षा विभाग कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।