
सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में इंटर हाउस स्विमिंग चैंपियनशिप का भव्य आगाज
Posted on 27 जुलाई 2026
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चित्तौड़गढ़, राजस्थान: राज्य के प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में सोमवार, 27 जुलाई से दो दिवसीय इंटर हाउस एक्वेटिक चैंपियनशिप 2026 की शुरुआत हो गई है। यह प्रतियोगिता 28 जुलाई तक चलेगी, जिसमें स्कूल के सभी 11 हाउसेस के कक्षा 6 से 11 तक के कैडेट्स अपनी तैराकी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य केवल जीत हासिल करना नहीं, बल्कि छात्रों में फिटनेस, अनुशासन, आत्मविश्वास और टीमवर्क की भावना को मजबूत करना है, जो आधुनिक शिक्षा प्रणाली का एक अभिन्न अंग है।
हमारी टीम लगातार राज्य भर की शिक्षण संस्थानों में हो रही गतिविधियों पर नजर रखती है और यह प्रतियोगिता छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सैनिक स्कूल हर साल इस तरह की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है, ताकि कैडेट्स अकादमिक पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
उद्घाटन समारोह और प्रतियोगिता के वर्ग
चैंपियनशिप का उद्घाटन स्कूल के प्रिंसिपल कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने किया। इस अवसर पर वाइस प्रिंसिपल लेफ्टिनेंट कर्नल ईशा ठकराल और प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी. श्रीकुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। प्रतियोगिता को कुल पांच वर्गों में बांटा गया है, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के कैडेट्स अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं। इन वर्गों में शामिल हैं:
- ग्रुप ए (सीनियर्स)
- ग्रुप बी (जूनियर्स)
- ग्रुप सी (सब जूनियर्स)
- ग्रुप डी (गर्ल्स)
- ग्रुप ई (गर्ल्स)
प्रतियोगिता के पहले दिन 25 मीटर फ्रीस्टाइल, 50 मीटर फ्रीस्टाइल और 50 मीटर फ्रीस्टाइल रिले सहित कई तैराकी स्पर्धाएं आयोजित की गईं, जिनमें कैडेट्स ने पूरे जोश और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। खिलाड़ियों का प्रदर्शन और उनके बीच का रोमांचक मुकाबला देखने लायक था। स्कूल के शिक्षक और अन्य कैडेट्स भी अपने साथियों का उत्साह बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
खेल से बढ़ता है आत्मविश्वास और अनुशासन
इस अवसर पर प्रिंसिपल कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया ने अपने संबोधन में खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तैराकी केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का एक सशक्त माध्यम भी है। उनके अनुसार, इससे अनुशासन, धैर्य, साहस और आत्मविश्वास जैसे आवश्यक गुण विकसित होते हैं, जो छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि खेल बच्चों को टीम के साथ काम करना सिखाते हैं और हर चुनौती का सामना करने का हौसला देते हैं। उन्होंने सभी कैडेट्स से खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का आह्वान किया। जीत और हार खेल का हिस्सा है, लेकिन इससे मिलने वाली सीख और अनुभव हमेशा साथ रहते हैं।
पुरस्कार वितरण और भविष्य की उम्मीदें
चैंपियनशिप का समापन मंगलवार, 28 जुलाई को होगा। अंतिम दिन सभी प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए जाएंगे और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। सैनिक स्कूल प्रशासन का दृढ़ विश्वास है कि इस तरह की प्रतियोगिताएं कैडेट्स के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पढ़ाई के साथ खेलों में सक्रिय भागीदारी से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। यही कारण है कि सैनिक स्कूल में खेल गतिविधियों को नियमित रूप से बढ़ावा दिया जाता है, ताकि यहां से निकलने वाले कैडेट्स जीवन के हर क्षेत्र में सफल हो सकें।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, सैनिक स्कूल जैसे संस्थानों में इस तरह के आयोजन राज्य के अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं, जिससे छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक मजबूती भी मिलती है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।