
नागौर में साइबर सुरक्षा पर छात्र-छात्राओं को किया जागरूक
Posted on 27 जुलाई 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, प्रदेशभर में महिला सुरक्षा संकल्प एवं साइबर जागरूकता अभियान के तहत नागौर जिले के शिक्षण संस्थानों में भी महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हाल ही में, पुलिस सतर्कता शाखा की एएसपी मिताली गर्ग ने टोंक में छात्रों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, क्यूआर कोड धोखाधड़ी, ऑनलाइन निवेश ठगी और सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर साइबर अपराधों से बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
साइबर अपराधों से बचाव के उपाय
कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या आपात स्थिति में घबराए बिना तत्काल पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई। पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देश और एसपी रोशन मीना के निर्देशन में संचालित यह अभियान छात्रों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
कानूनी जागरूकता और हेल्पलाइन नंबर
इसके अतिरिक्त, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), पॉक्सो अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े कानूनों की जानकारी भी प्रदान की गई। एएसपी गर्ग ने महिला हेल्पलाइन 1090, साइबर हेल्पलाइन 1930 और 112 आपातकालीन सेवा जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के प्रभावी उपयोग के बारे में भी जागरूक किया।
मुख्य बिंदु:
- डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड से बचाव के उपाय।
- ऑनलाइन निवेश ठगी और सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग से सतर्कता।
- भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम की जानकारी।
- महिला हेल्पलाइन 1090, साइबर हेल्पलाइन 1930 और 112 का प्रभावी उपयोग।
- सेल्फ डिफेंस और आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।