
राजस्थान शिक्षा विभाग: स्कूलों में शैक्षिक संबलन और नशामुक्ति अभियान पर विशेष जोर
Posted on 19 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा विभाग राजस्थान द्वारा प्रदेश भर के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'शिक्षा संबलन' कार्यक्रम को निरंतर गति दी जा रही है। इसी क्रम में हाल ही में शिक्षा अधिकारियों द्वारा विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें छात्रों के शैक्षणिक स्तर की गहन समीक्षा की गई है।
शैक्षिक संबलन और विशेष ध्यान
बीकानेर निदेशालय के निर्देशानुसार, पीईईओ (PEEO) स्तर पर स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जा रही है। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया है:
- कमजोर विद्यार्थियों पर फोकस: शिक्षक और संस्था प्रधान को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कक्षा स्तर के अनुरूप दक्षता प्राप्त न करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) शुरू की जाए।
- शैक्षणिक स्तर का आंकलन: स्कूलों में छात्रों के पठन-पाठन कौशल की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि लर्निंग गैप को समय रहते भरा जा सके।
नशामुक्त भारत अभियान की पहल
शिक्षा विभाग केवल पाठ्यक्रम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को सामाजिक कुरीतियों से दूर रखने के लिए भी प्रतिबद्ध है। 'नशामुक्त भारत अभियान' के तहत स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्था प्रधानों को निर्देशित किया गया है कि वे समय-समय पर छात्रों को नशामुक्ति की शपथ दिलाएं और उन्हें एक स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करें।
शिक्षकों और अभिभावकों के लिए निर्देश
जयपुर सचिवालय से प्राप्त संकेतों के अनुसार, आने वाले समय में बोर्ड परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन को देखते हुए स्कूलों में अनुशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता पर सख्ती बरती जाएगी। विभाग ने शिक्षकों से अपेक्षा की है कि वे नवाचारों को अपनाएं और शला दर्पण (Shala Darpan) पर विद्यार्थियों की प्रगति को नियमित अपडेट करें।
यह प्रयास राज्य में शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारने और सरकारी स्कूलों में शैक्षिक माहौल को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि वे विभागीय आदेशों का पालन करते हुए अपने विद्यालय के परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।