
राजस्थान शिक्षा विभाग: शिक्षकों की भारी कमी से स्कूलों में तालाबंदी, छात्रों का भविष्य अधर में
Posted on 24 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों का संकट गहराता जा रहा है। हाल ही में सीमावर्ती क्षेत्र के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय में 19 में से मात्र 3 शिक्षकों के भरोसे शिक्षण कार्य चलने के विरोध में छात्रों और ग्रामीणों द्वारा स्कूल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी करने का मामला सामने आया है। यह घटना प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे की बदहाली को दर्शाती है, जहाँ विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।
क्या है पूरा मामला?
शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के वर्षों से खाली पड़े पदों के कारण ग्रामीण इलाकों में पठन-पाठन की प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो चुकी है। बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय तक कई बार गुहार लगाने के बावजूद, पदस्थापन में हो रही देरी से अभिभावकों में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब विद्यालय में विषय विशेषज्ञ शिक्षक ही मौजूद नहीं होंगे, तो बच्चे परीक्षाओं की तैयारी कैसे करेंगे?
छात्रों और अभिभावकों की प्रमुख मांगें:
- विद्यालय में स्वीकृत 19 पदों के सापेक्ष रिक्त 16 पदों पर तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
- प्रशासनिक कार्यों में लगे शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षण कार्य से जोड़ा जाए।
- ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी शैक्षणिक ढांचा सुनिश्चित किया जाए।
- शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेटेड रिक्तियों के आधार पर जल्द से जल्द पदस्थापन सूचियां जारी हों।
शिक्षा विभाग के लिए चुनौती
शिक्षा विभाग के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि किस प्रकार डिजिटल और समावेशी शिक्षा का दावा किया जाए, जब जमीनी स्तर पर स्कूलों में आधारभूत शिक्षकों की कमी है। छात्र-छात्राओं का स्पष्ट कहना है कि जब तक स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती, वे स्कूल का ताला नहीं खोलेंगे। वर्तमान में पठन-पाठन बाधित होने से विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पिछड़ रहा है, जिससे आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर उनका तनाव बढ़ना स्वाभाविक है।
प्रशासनिक रुख
फिलहाल स्थानीय प्रशासन और विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश करने में जुटे हैं। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो यह आंदोलन पूरे जिले में उग्र रूप ले सकता है। शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले पर संज्ञान लेने और तत्काल रिक्त पद भरने की मांग की जा रही है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।