
राजस्थान के विश्वविद्यालयों में खुलेंगे राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र, राज्यपाल ने दिए आदेश
Posted on 28 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्यपाल के सचिव ने प्रदेश के 11 सरकारी सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर तत्काल प्रभाव से 'राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र' खोलने के निर्देश दिए हैं। यह कदम राज्य की सांस्कृतिक विरासत और नई शिक्षा नीति के अनुरूप उठाया गया है।
नई शिक्षा नीति और मातृभाषा को महत्व
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में मातृभाषा में पढ़ाई पर विशेष जोर दिया गया है। इसी नीति का हवाला देते हुए राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के संरक्षण और शोध के लिए विशेष केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को अपनी जड़ों और स्थानीय भाषा से जोड़ना है।
क्यों उठी थी यह मांग?
हाल ही में जब प्रदेश के विश्वविद्यालयों में 'मराठी भाषा अध्ययन केंद्र' खोलने का निर्णय लिया गया था, तब प्रदेशभर में इसका विरोध हुआ था। बुद्धिजीवियों और छात्र संगठनों ने सवाल उठाए थे कि जब राज्य में राजस्थानी भाषा को उसका उचित स्थान नहीं मिल रहा है, तो अन्य भाषाओं के केंद्रों को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है। इस बढ़ते दबाव और स्थानीय संस्कृति के सम्मान को देखते हुए अब राजस्थानी अध्ययन केंद्रों को मंजूरी दी गई है।
छात्रों और शिक्षकों के लिए क्या है बदलाव?
- शोध और अध्ययन: विश्वविद्यालयों में राजस्थानी साहित्य, भाषा और संस्कृति पर उच्च स्तरीय शोध कार्य किए जा सकेंगे।
- मातृभाषा में शिक्षा: नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों को अपनी भाषा में अकादमिक सामग्री और शोध के नए अवसर प्राप्त होंगे।
- अकादमिक विस्तार: इन केंद्रों के खुलने से संबंधित विषयों में विशेषज्ञों और शिक्षकों के पदों पर भविष्य में नई संभावनाएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
राज्यपाल सचिवालय के इन निर्देशों के बाद अब विश्वविद्यालयों को जल्द ही रिपोर्ट पेश करनी होगी कि उन्होंने इन केंद्रों की स्थापना के लिए क्या कदम उठाए हैं। शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इन केंद्रों के संचालन के लिए नियमावली और पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू कर दी जाएगी।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।