
राजस्थान शिक्षा विभाग: 'एक शिक्षक-एक पौधा' अभियान से स्कूलों में बढ़ा हरियाली का संकल्प
Posted on 28 जुलाई 2026
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अभियान का उद्देश्य और महत्व
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, स्कूलों में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव पैदा करना भी प्राथमिकताओं में शामिल है। बीकानेर निदेशालय द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले विद्यालयों में इस अभियान की निगरानी करें। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को प्रकृति से जोड़ना और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों के प्रति जागरूक करना है।
शिक्षकों और छात्रों के लिए क्या हैं निर्देश?
- पौधों की देखभाल: केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित शिक्षक को उस पौधे के जीवित रहने और बढ़ने तक की जिम्मेदारी (गार्डियनशिप) लेनी होगी।
- शाला दर्पण पर प्रविष्टि: स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन गतिविधियों की तस्वीरें और विवरण समय-समय पर शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड करें।
- पर्यावरण क्लब: जिन विद्यालयों में अभी तक 'इको क्लब' का गठन नहीं हुआ है, उन्हें आगामी सप्ताह तक इसे सक्रिय करने के आदेश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग की आगे की कार्ययोजना
जयपुर सचिवालय से प्राप्त संकेतों के अनुसार, आने वाले महीनों में शैक्षणिक सत्र के दौरान ऐसे कार्यक्रमों को पाठ्यक्रम के साथ एकीकृत किया जाएगा। विभाग का प्रयास है कि स्कूलों को केवल शैक्षणिक केंद्र न रखकर उन्हें 'ग्रीन कैंपस' के रूप में विकसित किया जाए। इसके अलावा, आगामी शिक्षक दिवस के अवसर पर उन शिक्षकों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपने विद्यालयों में सबसे अधिक पौधों को संरक्षित करने का कार्य किया है।
निष्कर्ष: यह अभियान न केवल विद्यालयों के स्वरूप को बदलेगा, बल्कि नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। सभी संस्था प्रधानों को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय मौसम के अनुकूल पौधों का ही चयन करें ताकि उनकी उत्तरजीविता दर अधिक रहे।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।