
राजस्थान में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त आदेश: बसें हुई ओवरलोड तो होगा परमिट निरस्त
Posted on 24 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग ने अब प्रदेश के स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। हालिया निर्देशों के अनुसार, यदि कोई भी स्कूल बस, वैन या ऑटो क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाते हुए पाया जाता है, तो न केवल वाहन जब्त किया जाएगा, बल्कि उसका परमिट भी तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।
सुरक्षा मानकों की होगी सघन जांच
शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें अब औचक निरीक्षण करेंगी। इसमें वाहनों के दस्तावेज़, फर्स्ट-एड किट, स्पीड गवर्नर और चालक की पात्रता की जांच की जाएगी। मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:
- ओवरलोडिंग पर जीरो टॉलरेंस: क्षमता से अधिक बच्चों को ढोने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई।
- सुरक्षा ऑडिट: वाहनों में निर्धारित आपातकालीन निकास और संपर्क नंबरों की उपलब्धता अनिवार्य।
- चालक-परिचालक का रिकॉर्ड: वाहन चलाने वाले कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
जर्जर भवनों पर प्रशासन सख्त
बीकानेर निदेशालय और जिला स्तर से प्राप्त निर्देशों के बाद, शिक्षा विभाग ने जर्जर स्कूल भवनों को हटाने के लिए अभियान शुरू किया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विद्यार्थी या शिक्षक को जोखिम में नहीं डाला जाएगा।
- जर्जर चिन्हित कमरों को प्राथमिकता से ध्वस्त किया जाएगा।
- मरम्मत योग्य भवनों का जल्द सुदृढ़ीकरण होगा।
- यदि विद्यालय विकास समिति को ध्वस्तीकरण पर आपत्ति है, तो तत्काल प्रभाव से दोबारा सर्वे करवाया जाएगा।
शैक्षिक गुणवत्ता और परीक्षा परिणाम
जयपुर सचिवालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप, आगामी बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। शिक्षकों को विशेष रूप से 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने को कहा गया है। यह अभियान न केवल निजी बल्कि सरकारी स्कूलों पर भी समान रूप से लागू होगा।
हमारा मानना है कि इन कड़े कदमों से बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। सभी संस्था प्रधानों को निर्देशित किया गया है कि वे समय रहते अपने वाहनों के दस्तावेज दुरुस्त करवा लें।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।