
रणथंभौर में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस: स्कूली बच्चों ने की जंगल सफारी, वन्यजीव संरक्षण का पाठ
Posted on 29 जुलाई 2026
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आज बुधवार, 29 जुलाई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर, रणथंभौर टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा सवाई माधोपुर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों और आम जनता को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। रणथंभौर टाइगर रिजर्व के आस-पास के क्षेत्रों से आए स्कूली छात्रों के लिए कई विशेष प्रतियोगिताएं और शैक्षिक भ्रमण आयोजित किए गए, जो उनकी जिज्ञासा और पर्यावरण प्रेम को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हुए।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता
हमारी टीम को मिली जानकारी के अनुसार, इस विशेष दिवस पर पेरीफेरी क्षेत्र के विद्यालयों के छात्रों के लिए चित्रकला और प्रश्नोत्तरी जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को बाघों और उनके प्राकृतिक आवास के महत्व को समझाया गया। इसके अतिरिक्त, स्वच्छता अभियान और जन-जागरूकता बाइक रैली का भी आयोजन किया गया, जिसने स्थानीय समुदाय को वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी भूमिका को समझने के लिए प्रेरित किया। इन अभियानों का लक्ष्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी की भावना भी जगाना था।
संग्रहालय भ्रमण और रोमांचक जंगल सफारी
कार्यक्रम के तहत, स्कूली बच्चों को राजीव गांधी क्षेत्रीय संग्रहालय का भ्रमण कराया गया। संग्रहालय में बच्चों ने वन्यजीवों और पर्यावरण से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। यह उनके लिए एक शैक्षिक अनुभव था, जिसने उन्हें प्रकृति के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया। संग्रहालय भ्रमण के बाद, छात्रों को रणथंभौर टाइगर रिजर्व में एक रोमांचक जंगल सफारी पर ले जाया गया। इस दौरान बच्चों ने जंगल और उसके निवासियों को करीब से देखा। यह अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय रहा, जिससे उन्हें बाघ संरक्षण और अन्य वन्यजीवों के महत्व को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला। बच्चों ने इस दौरान वन्यजीवों के व्यवहार और उनके पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका को भी करीब से जाना, जिसने उनके सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया।
प्रतिभावान छात्रों का सम्मान
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर राजीव गांधी क्षेत्रीय संग्रहालय के ऑडिटोरियम में एक विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर कानाराम मुख्य अतिथि रहे, जबकि रणथंभौर टाइगर रिजर्व के सीसीएफ शारदा प्रताप सिंह ने अध्यक्षता की। उपस्थित अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने छात्रों को बाघ संरक्षण के प्रति गहनता से जागरूक किया। रणथंभौर टाइगर रिजर्व प्रथम के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि इन गतिविधियों का मुख्य लक्ष्य युवा पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना है। कार्यक्रम के समापन पर, विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान बच्चों को भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक और जागरूकता संबंधी कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगा। यह पहल शिक्षा विभाग की दूरदृष्टि और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम छात्रों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति गहरी समझ और जुड़ाव पैदा करते हैं, जो एक स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण के लिए आवश्यक है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।