
लाडनूं में बोर्ड पूरक परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण, DEO ने सराही उत्कृष्ट व्यवस्थाएं
Posted on 22 जुलाई 2026
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नागौर जिले में शिक्षा विभाग की सक्रियता निरंतर बनी हुई है, विशेषकर बोर्ड परीक्षाओं के सुचारू संचालन को लेकर। इसी कड़ी में, 5वीं और 8वीं बोर्ड की पूरक परीक्षाओं के तहत, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा), डीडवाना द्वारा लाडनूं स्थित परीक्षा केंद्रों का गहन निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करना और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना था।
परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं मिली संतोषजनक
हमारे लाडनूं संवाददाता के अनुसार, डीडवाना के जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) रूपाराम पिण्डार ने लाडनूं में जौहरी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल और पीएम श्रीमती केशर देवी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल का दौरा किया। इन दोनों ही केंद्रों पर पूरक परीक्षाओं के संचालन के लिए की गई सभी व्यवस्थाएं अत्यंत सुव्यवस्थित और संतोषजनक पाई गईं। हमारी टीम ने पाया कि परीक्षा के दौरान पारदर्शिता, सुरक्षा और छात्रों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए गए थे। इसमें पर्याप्त फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल, और शांत वातावरण जैसी मूलभूत सुविधाएं शामिल थीं, जो छात्रों को बिना किसी बाधा के अपनी परीक्षा देने में मदद करती हैं।
लोडसर स्कूल में शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता की प्रशंसा
निरीक्षण के दौरान, जिला शिक्षा अधिकारी ने राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल, लोडसर का भी सम्बलन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल में शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के गृहकार्य की नियमित जांच की प्रणाली, तथा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मैन्यू के अनुसार उसके क्रियान्वयन को विशेष रूप से सराहनीय बताया। यह दर्शाता है कि केवल परीक्षा ही नहीं, बल्कि दैनिक शैक्षणिक गतिविधियों और छात्रों के समग्र विकास पर भी विभाग का गहरा ध्यान है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने विशेष रूप से विज्ञान एवं गणित विषय की अध्यापिका सुमित्रा के शिक्षण कार्य की जमकर प्रशंसा की। उनके द्वारा अपनाई जा रही शिक्षण पद्धतियों को विद्यार्थियों के हित में अत्यंत प्रभावी बताया गया। यह प्रेरणा अन्य शिक्षकों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि कैसे नवाचारी तरीकों से शिक्षा को रुचिकर और प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, स्कूल की कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका सुचित्रा के स्कूल प्रबंधन, शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन और सहकर्मियों के साथ उनके बेहतर समन्वय की भी सराहना की गई। एक कुशल नेतृत्वकर्ता ही स्कूल के वातावरण को सकारात्मक और उत्पादक बना सकता है, और सुचित्रा ने इस भूमिका को बखूबी निभाया है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण पर जोर
जिला शिक्षा अधिकारी ने समस्त स्कूल स्टाफ को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक अनुशासित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सभी को इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य जारी रखने का आह्वान किया, ताकि जिले के शैक्षिक स्तर को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके। यह प्रोत्साहन बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय द्वारा निर्धारित उच्च शैक्षिक मानदंडों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी टीम भी इस बात पर जोर देना चाहेगी कि ऐसे निरीक्षण न केवल कमियों को उजागर करते हैं, बल्कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों और शिक्षकों को पहचान भी देते हैं, जिससे अन्य विद्यालयों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। शिक्षा विभाग का यह प्रयास निश्चित रूप से छात्रों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।