
राजस्थान शिक्षक तबादला अपडेट: 9 साल के प्रतिबंध के खिलाफ प्रदेश भर में सक्रियता
Posted on 18 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा विभाग में पिछले लंबे समय से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग ने अब जोर पकड़ लिया है। राज्य के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इसे अपनी प्राथमिकता बनाते हुए सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
तबादला नीति में बदलाव की मांग
राज्य भर के शिक्षक लंबे समय से निदेशालय, बीकानेर और जयपुर सचिवालय के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि नौ साल के लंबे अंतराल के बाद अन्य संवर्गों के लिए तबादला नीति को सुव्यवस्थित किया गया है, लेकिन तृतीय श्रेणी शिक्षकों को अभी भी अपनी बारी का इंतजार है। शिक्षक संगठनों का मुख्य तर्क यह है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत शिक्षकों को पारिवारिक और व्यक्तिगत कारणों से गृह जिलों में आने का अवसर मिलना चाहिए।
शांति मार्च और आगामी रणनीति
शिक्षक संगठनों द्वारा अपनी एक सूत्री मांग को लेकर आगामी रविवार, 19 जुलाई 2026 को एक बड़ा शांति मार्च आयोजित किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- प्रदर्शन का स्वरूप: बाड़मेर में आयोजित होने वाला यह शांति मार्च अहिंसा चौराहा से शुरू होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक जाएगा।
- नेतृत्व: इस आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी कर रहे हैं।
- ज्ञापन: कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचने पर जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को एक मांग पत्र सौंपा जाएगा।
शिक्षकों के लिए क्या हैं मायने?
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, अभी तक तबादलों को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन संगठनों की बढ़ती सक्रियता के बाद सचिवालय स्तर पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जो शिक्षक अपने स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उन्हें शाला दर्पण पोर्टल पर आगामी निर्देशों के लिए नजर बनाए रखनी चाहिए।
हमारी टीम लगातार इस मामले पर नज़र बनाए हुए है। जैसे ही जयपुर सचिवालय या बीकानेर निदेशालय से इस संबंध में कोई भी औपचारिक आदेश या तबादला नीति के मापदंड जारी होते हैं, हम आपको सबसे पहले सूचित करेंगे। फिलहाल, शिक्षक संगठनों की ओर से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाने का प्रयास जारी है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।
