
शिक्षा रैंकिंग में नागौर के पिछड़ने पर चिंता: शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी
Posted on 20 जुलाई 2026
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जयपुर/नागौर
राज्य सरकार द्वारा जारी नवीनतम शिक्षा रैंकिंग में प्रदेश के बारां जिले के सबसे अंतिम पायदान पर आने की खबर चिंताजनक है। यह रैंकिंग सरकारी स्कूलों में नामांकन वृद्धि और सुविधाओं के 44 विभिन्न मापदंडों पर आधारित है। इस बार हाड़ौती संभाग के अन्य जिले भी शीर्ष प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। बारां जिले के अंतिम स्थान पर रहने के कारण, शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक ने बारां के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO) को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
रैंकिंग में पिछड़ने के कारण
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रैंकिंग में पिछड़ने के मुख्य कारणों में विभिन्न मापदंडों में बदलाव, नामांकन प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद डेटा का ऑनलाइन अपडेट न होना शामिल है। शिक्षकों और विद्यालय प्रशासकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 'शाला दर्पण' पोर्टल पर सूचनाओं को समय पर अपलोड करें। इसमें विशेष रूप से कक्षा एक में नामांकन वृद्धि, 100 से अधिक नामांकन वाले विद्यालयों की संख्या, 'उजियारी पंचायत' की स्थिति, और छात्रों के आधार कार्ड का 'शाला दर्पण' से लिंकेज जैसे बिंदु शामिल हैं।
शिक्षकों की भूमिका और आगामी प्रयास
शिक्षा विभाग द्वारा हर महीने जारी की जाने वाली इस रैंकिंग में सुधार के लिए, पीईईओ (प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता अधिकारी) को अपने अधीन स्कूलों के 44 बिंदुओं की सूचनाएं 'शाला दर्पण' पर अपलोड करनी होती हैं। इन सूचनाओं में समुदाय से प्राप्त राशि, ज्ञान संपर्क पोर्टल पर प्राप्त राशि, बिजली-पानी की सुविधा, मासिक समीक्षा रिपोर्ट, बालसभा, और 'उजियारी पंचायत' से जुड़े स्कूलों की जानकारी शामिल है। संस्था प्रधानों की भूमिका महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें विद्यालयों में किए गए सुधारों और परिवर्तनों को पोर्टल पर अपलोड करना होता है।
हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, जिले के शिक्षाधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और सुधार के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। आगामी महीनों में नागौर जिले की रैंकिंग में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से आवश्यक जानकारी और निर्देश दिए जा रहे हैं। शिक्षकों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करें ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।