
Nagaur News: जर्जर स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे बच्चे, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
Posted on 29 जुलाई 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, जिले में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भवनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले का कोई भी सरकारी कार्यालय या स्कूल जर्जर भवन में संचालित नहीं होगा।
विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को दो टूक कहा है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी स्कूल का भवन जर्जर स्थिति में है और वह बच्चों के बैठने के लिए असुरक्षित है, तो तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए, लेकिन छात्रहित में कक्षाएं सुरक्षित परिसर में ही लगनी चाहिए।
अधिकारियों के लिए मुख्य निर्देश:
- सुरक्षित वातावरण: जर्जर भवनों को चिन्हित कर तुरंत प्रभाव से उन्हें खाली करवाया जाए।
- वैकल्पिक व्यवस्था: शिक्षण कार्य को सुचारु रखने के लिए पास के अन्य सरकारी भवन या अन्य सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टिंग की जाए।
- पीएम श्री योजना: बैठक में पीएम श्री स्कूल योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
- समयबद्ध कार्य: शिक्षा विभाग के पेंडिंग कार्यों को लेकर बीकानेर निदेशालय के निर्देशों के अनुरूप तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
आमजन और शिक्षकों के लिए क्या है खास?
यह निर्णय विशेष रूप से उन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों के लिए महत्वपूर्ण है जहां मानसून के कारण भवनों की स्थिति दयनीय हो गई है। शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने विद्यालय के भवन की स्थिति की रिपोर्ट तुरंत ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सौंपें। प्रशासन का मानना है कि सुरक्षित वातावरण के बिना शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अन्य विभागों को भी चेताया
बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पशुपालन विभाग की बीमा योजना और नगर परिषद के विकास कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहने को कहा है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में लंबित विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।