
राजस्थान: स्कूलों में पाउडर मिल्क का अब होगा भौतिक सत्यापन, नई समिति करेगी जांच
Posted on 4 अगस्त 2026
Listen News
Audio Summary
राज्य के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले पाउडर मिल्क की गुणवत्ता और वितरण की निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मिड डे मील योजना के आयुक्त विश्व मोहन शर्मा ने हाल ही में राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय-प्रारम्भिक) को निर्देश जारी किए हैं कि अब पाउडर मिल्क का भौतिक सत्यापन एक समिति द्वारा किया जाएगा। यह कदम पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के सुचारू संचालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
ब्लॉक स्तर पर गठित होगी समिति
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, इस सत्यापन प्रक्रिया के लिए ब्लॉक स्तर पर एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी करेंगे। यह समिति स्कूलों में उपलब्ध पाउडर मिल्क के स्टॉक का विद्यालयवार भौतिक सत्यापन करेगी। सत्यापन का आधार विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और वास्तविक उपभोग की मात्रा होगी। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि पाउडर मिल्क का सही ढंग से भंडारण, उपयोग और वितरण हो रहा है, और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सके।
5 अगस्त तक रिपोर्ट भेजने के निर्देश
आयुक्त ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के अंतर्गत पाउडर मिल्क का भौतिक सत्यापन 5 अगस्त तक पूरा कर लिया जाए और इसकी रिपोर्ट आयुक्तालय को भेजी जाए। यह तत्काल कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि विभिन्न समाचार पत्रों में इस योजना के अंतर्गत पाउडर मिल्क के भण्डारण, उपयोग, वितरण एवं दुरुपयोग संबंधी समाचार सामने आए थे। स्कूलों को 2022 से 2026 तक जारी निर्देशों की पालना करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन खबरों के अनुसार, इन निर्देशों का पूर्णतः पालन नहीं हो पा रहा था।
शिक्षक संघों ने किया स्वागत
शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत पाउडर मिल्क का वितरण किया जाता है। मिड डे मील आयुक्तालय का यह निर्णय सराहनीय है, क्योंकि इससे सरकारी स्कूलों में मिल्क पाउडर के स्टॉक की जांच होने से प्रभारी शिक्षकों को भी राहत मिलेगी और वे किसी भी आरोप से मुक्त रहेंगे। यह नई व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि योजना का लाभ सही विद्यार्थियों तक पहुंचे और किसी भी तरह की अनियमितता न हो।
मुख्य बिंदु:
- सत्यापन: पाउडर मिल्क का अब महीने में एक बार भौतिक सत्यापन होगा।
- समिति: ब्लॉक स्तर पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में समिति होगी।
- आधार: सत्यापन उपस्थिति और वास्तविक उपभोग के आधार पर होगा।
- रिपोर्ट: 5 अगस्त तक आयुक्तालय को रिपोर्ट भेजनी होगी।
- उद्देश्य: भण्डारण, उपयोग, वितरण और दुरुपयोग की जांच।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।